सीईओ जिला पंचायत ने दिलाई ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ की शपथ, कहा— बच्चों के अधिकारों की रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी मिशन वात्सल्य के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में बाल सुरक्षा, शिक्षा, जेंडर समानता और बाल विवाह रोकथाम पर दिया गया प्रशिक्षण
सीईओ जिला पंचायत ने दिलाई ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ की शपथ, कहा— बच्चों के अधिकारों की रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी
मिशन वात्सल्य के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में बाल सुरक्षा, शिक्षा, जेंडर समानता और बाल विवाह रोकथाम पर दिया गया प्रशिक्षण
कटनी – बच्चों के सुरक्षित, शिक्षित और समान अवसरों से युक्त भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा मिशन वात्सल्य के अंतर्गत शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर आशीष तिवारी के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बाल सुरक्षा, बाल शिक्षा, बाल स्वास्थ्य, बाल विवाह रोकथाम, जेंडर समानता तथा बाल अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने कहा कि किसी भी समाज का भविष्य उसके बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। इसे रोकना समाज और प्रशासन दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बाल विवाह मुक्त भारत का दिलाया संकल्प
प्रशिक्षण के दौरान सुश्री कौर ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के निर्माण का संकल्प दिलाते हुए शपथ ग्रहण कराई। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम, बाल अधिकारों के संरक्षण तथा बच्चों के लिए सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यशाला में शासकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य चित्रा प्रभात ने जेंडर समानता पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समावेशी और सशक्त समाज का निर्माण समान अवसरों से ही संभव है। महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक संचालक वनश्री कुवैती ने बाल विवाह निषेध अधिनियम एवं संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी, जबकि जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी ने पॉक्सो अधिनियम तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम में बहुविभागीय समन्वय के माध्यम से बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने पर भी विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।