यूजीसी बिल के विरोध में अनशन, 18 को आत्मदाह की चेतावनी,सांसद को आंदोलन स्थल पर बुलाकर मांगें सुनने की मांग, 7 सितंबर से कलेक्ट्रेट के सामने जारी है अनशन

यूजीसी बिल के विरोध में अनशन, 18 को आत्मदाह की चेतावनी,सांसद को आंदोलन स्थल पर बुलाकर मांगें सुनने की मांग, 7 सितंबर से कलेक्ट्रेट के सामने जारी है अनश

कटनी (YASHBHARAT.COM)। यूजीसी बिल सहित विभिन्न मांगों को लेकर कटनी में चल रहा विरोध प्रदर्शन अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने पिछले 10 दिनों से अनशन पर बैठे अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उरमलिया ने 18 सितंबर को अनशन स्थल पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि यदि 18 सितंबर से पहले क्षेत्रीय सांसद आंदोलन स्थल पर पहुंचकर उनकी मांगें नहीं सुनते और उचित आश्वासन नहीं मिलता है, तो वे आत्मदाह जैसा कदम उठाएंगे।

अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद, श्री राजपूत करणी सेना सहित जिले के विभिन्न ब्राह्मण एवं सामान्य वर्ग संगठनों द्वारा मांगों के समर्थन में 7 सितंबर 2026 से कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने बिना अन्न ग्रहण किए अनशन किया जा रहा है। संगठनों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं जिला कलेक्टर को संबोधित पत्र सौंपकर मांगों पर कार्रवाई की मांग की है।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में आरक्षण व्यवस्था को जातिगत आधार के बजाय आर्थिक आधार पर किए जाने, यूजीसी बिल को पूरी तरह समाप्त करने तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत सक्षम अधिकारी की जांच के बाद ही मामला दर्ज किए जाने की मांग शामिल है।

अनशनकारियों राकेश मिश्रा, अवधेश उरमलिया और सुरजीत सिंह सोलंकी ने कहा कि 17 सितंबर तक क्षेत्रीय सांसद को आंदोलन स्थल पर बुलाकर उनकी मांगें सुनी जाएं तथा उन्हें लोकसभा में चर्चा के लिए रखा जाए। उनका कहना है कि यदि इस अवधि में अपेक्षित पहल होती है और मांगों पर उचित आश्वासन मिलता है, तो अनशन समाप्त कर दिया जाएगा। अन्यथा 18 सितंबर को आत्मदाह की चेतावनी दी गई है।

पत्रकार वार्ता में नारायण प्रसाद समदड़िया, ब्राह्मण समाज अध्यक्ष राजू शर्मा, विवेक तिवारी, भरत तिवारी, गुरमुख बाघरानी, चेतन सचदेवा, मोहित ठाकुर, मनोज मिश्रा, सचिन रजक, दीपक मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Exit mobile version