आध्यात्मिक दृष्टिकोण से प्रशासनिक निर्णय बनते हैं निष्पक्ष और लोककल्याणकारी,जन जागृति अभियान में नैतिक मूल्यों, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदे
कटनी। कुशल एवं संवेदनशील प्रशासन के लिए केवल नियम-कायदों की जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि आंतरिक मूल्यों, नैतिकता और आध्यात्मिक शक्ति का होना भी आवश्यक है। जब कोई प्रशासक आध्यात्मिक दृष्टिकोण अपनाता है तो उसकी निर्णय क्षमता अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और लोककल्याणकारी बनती है। यह विचार सिविल लाइन स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रशासनिक विभाग एवं समाज सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित ‘श्रेष्ठ समाज की स्थापना में आध्यात्मिकता का महत्व’ विषयक जनजागृति अभियान के दौरान मुख्य वक्ता प्रीति बहन ने व्यक्त किए।
अभियान के तहत प्रातः वाहन रैली निकाली गई। रैली सिविल लाइन राजयोग केंद्र से प्रारंभ होकर स्टेशन, सुभाष चौक, महावीर चौक एवं एसबीआई बैंक होते हुए पुनः सिविल लाइन स्थित केंद्र पहुंची। रैली के माध्यम से प्रशासन, देश और समाज को श्रेष्ठ बनाने के लिए नैतिक मूल्यों को अपनाने, यातायात नियमों का पालन करने, पर्यावरण संरक्षण तथा नशे एवं सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की श्रृंखला में शाम को समाज एवं प्रशासन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान देने वाले कर्मयोगियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। बीके सविता बहन, बरखा, ज्योति, वैष्णवी एवं बेबी बहन ने शिक्षक केपी तिवारी, यातायात थाना प्रभारी अनुपम सिंह ठाकुर, डॉ. सुब्बाराव, नंदू टहलरामानी, राजकमल चुग, वीरचंद्र ठारवानी, श्रीराम आहूजा, सत्यदर्शन मिश्र, डॉ. परम पटेल एवं भूमि सोनी का तिलक, पुष्पगुच्छ एवं माला से स्वागत किया। आध्यात्मिक यात्रा के प्रमुख इंदौर निवासी बीके राकेश भाई एवं प्रीति बहन ने स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र, तुलसी का पौधा एवं ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया।
भगवताचार्या बीके भारती बहन ने संस्था की गतिविधियों से परिचित कराया तथा मानसिक शांति एवं एकाग्रता बढ़ाने के लिए राजयोग मेडिटेशन को उपयोगी बताया। इंदौर से आए बीके राकेश भाई ने कहा कि प्रशासन से जुड़े लोग जब आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाते हैं तो उनके निर्णयों में पारदर्शिता, नैतिकता एवं जनकल्याण की भावना मजबूत होती है। राजयोग एवं ध्यान के अभ्यास से सहानुभूति, सहयोग और निस्वार्थ सेवा की भावना विकसित होती है, जो शांतिपूर्ण एवं श्रेष्ठ समाज की नींव बनती है।
कार्यक्रम में नन्ही बालिकाओं काव्या, खुशी एवं तेजस्विनी ने पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर संदेश दिया। प्रेमप्रकाश दीक्षित, प्रकाश भौमिया, रामदयाल गुप्ता एवं नीलिमा विश्वकर्मा और सुमन रजक को भी सम्मानित किया गया। राजयोग केंद्र संचालिका बीके लक्ष्मी बहन ने आभार व्यक्त किया। संचालन प्रकाश भाई ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अरविंद भाई, विवेक भाई, सुरेश भाई, संस्कार भाई, बीके दुर्गा बहन, सुमन बहन, अनीता बहन, नेहा बहन, चमन बहन, शिवानी बहन, तृप्ति बहन, प्रियंका बहन, निलांजलि बहन, मीना बहन, मूर्ति माता एवं गोरा माता सहित संस्था के सदस्यों का सहयोग रहा।
