बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद भी नहीं दिया राशन: पहरूआ उचित मूल्य दुकान के विक्रेता पर ₹5.32 लाख के गबन में FIR दर्ज
बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद भी नहीं दिया राशन: पहरूआ उचित मूल्य दुकान के विक्रेता पर ₹5.32 लाख के गबन में FIR दर्ज
कटनी : विकासखंड ढीमरखेड़ा की शासकीय उचित मूल्य दुकान पहरूआ में 5.32 लाख रुपये के खाद्यान्न गबन का बड़ा मामला सामने आया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के सख्त रुख और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देशों के बाद ढीमरखेड़ा कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने आरोपी राशन दुकान विक्रेता मुकेश तिवारी के खिलाफ थाना ढीमरखेड़ा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।
यह पूरी कार्रवाई ग्राम पंचायत पहरूआ की सरपंच शारदा महोबिया की शिकायत के बाद शुरू हुई। आरोप है कि दुकान पर हितग्राहियों से बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के बावजूद उन्हें राशन का वितरण नहीं किया जा रहा था।
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने की जांच
कलेक्टर के निर्देश पर बीते 18 जुलाई को कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वंदना जैन ने सरपंच की उपस्थिति में दुकान का निरीक्षण किया। यह दुकान सेवा सहकारी समिति खमतरा द्वारा संचालित की जाती है। जांच के दौरान समिति प्रबंधक कमल पाण्डेय तो मौजूद रहे, लेकिन आरोपी विक्रेता मुकेश तिवारी पूर्व सूचना के बाद भी नदारद रहा।
ई-पीडीएस पोर्टल और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर
जांच टीम ने जब ई-पीडीएस पोर्टल पर दर्ज स्टॉक का मौके पर मौजूद खाद्यान्न से मिलान किया, तो भारी अनियमितता सामने आई। कुल ₹5,32,433 मूल्य का अनाज गायब पाया गया, जिसे अवैध लाभ कमाने के लिए खुर्द-बुर्द किया गया था।
गायब खाद्यान्न का ब्योरा:
गेहूं: 9,987 किलोग्राम
चावल: 6,149 किलोग्राम
नमक: 141 किलोग्राम
शक्कर: 5 किलोग्राम
जांच में यह भी पाया गया कि दुकान पर नियमानुसार अनिवार्य स्टॉक सूची और भाव सूची प्रदर्शित नहीं की गई थी। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से राशन माफियाओं और धांधली करने वाले विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।