CM E-Scooty Yojana MP: 19 सितंबर को मोहन यादव ट्रांसफर करेंगे स्कूटी का पैसा; जानिए 3 साल तक वाहन बेचने पर क्यों लगा बैन
MP की 'मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना': खाते में आए पैसे से वाहन नहीं खरीदा तो होगी FIR, 3 साल तक बेचने पर भी बैन
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CM E-Scooty Yojana MP: 19 सितंबर को मोहन यादव ट्रांसफर करेंगे स्कूटी का पैसा; जानिए 3 साल तक वाहन बेचने पर क्यों लगा बैन
विदिशा/भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 12वीं परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों के लिए लागू ‘मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना’ को लेकर राज्य सरकार ने सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत खाते में भेजी गई राशि का उपयोग सिर्फ और सिर्फ स्कूटी/वाहन खरीदने के लिए ही करना होगा। यदि किसी विद्यार्थी या पालक ने रकम मिलने के बाद वाहन नहीं खरीदा, तो उनसे पूरी राशि वसूल की जाएगी और एफआईआर (FIR) तक दर्ज कराई जा सकती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट उमावि परिसर से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के 7,500 से अधिक मेधावी छात्रों के खातों में यह राशि ऑनलाइन ट्रांसफर करेंगे।
वाहन न खरीदने पर दंडात्मक कार्रवाई
रिकवरी और FIR: विदिशा जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार के अनुसार, यदि राशि मिलने के बाद भी स्कूटी नहीं खरीदी गई, तो विद्यार्थी और अभिभावक से वसूली की जाएगी और संबंधित थाने में पुलिस केस (FIR) दर्ज कराया जाएगा।
अधिकारियों पर भी गाज: वाहन खरीदी की निगरानी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की होगी। लापरवाही बरतने वाले DEO पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी समिति: योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी, जिसमें जिला परिवहन अधिकारी (RTO), कोषालय अधिकारी और DEO शामिल होंगे। CM E-Scooty Yojana MP: 19 सितंबर को मोहन यादव ट्रांसफर करेंगे स्कूटी का पैसा; जानिए 3 साल तक वाहन बेचने पर क्यों लगा बैन