सूर्य-शुक्र का ‘द्विद्वादश योग’: 17 सितंबर से वृश्चिक और कुंभ राशि वालों की बढ़ेगी परेशानी, रहें सावधान

सूर्य-शुक्र का ‘द्विद्वादश योग’: 17 सितंबर से वृश्चिक और कुंभ राशि वालों की बढ़ेगी परेशानी, रहें सावधान

नई दिल्ली/कटनी। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, 17 सितंबर की सुबह ग्रहों के राजा सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश कर गए हैं। वहीं, धन, वैभव और भौतिक सुखों के कारक शुक्र देव वर्तमान में तुला राशि में विराजमान हैं। सूर्य के इस गोचर से सूर्य और शुक्र के बीच ‘द्विद्वादश योग’ का निर्माण हो रहा है।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सूर्य और शुक्र के बीच बनने वाला यह योग कुछ राशि के जातकों के लिए संघर्षपूर्ण साबित हो सकता है। आत्मविश्वास के कारक सूर्य और रचनात्मकता के कारक शुक्र का यह योग खासकर वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों के धैर्य, योग्यता और आर्थिक स्थिति की कड़ी परीक्षा ले सकता है। आइए जानते हैं इन दोनों राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा और उन्हें क्या सावधानियां बरतनी होंगी:

1. वृश्चिक राशि (Scorpio)

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके 12वें (द्वादश) भाव में हैं, जबकि सूर्य का गोचर 11वें (एकादश) भाव में हुआ है। यद्यपि 11वां भाव लाभ का माना जाता है, लेकिन द्विद्वादश योग के कारण आपको कड़े संघर्षों का सामना करना पड़ सकता है।

2. कुंभ राशि (Aquarius)

कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर 8वें (अष्टम) भाव में हुआ है, जबकि शुक्र 9वें (नवम) भाव में स्थित हैं। अष्टम भाव में सूर्य की उपस्थिति के कारण आपको जीवन के हर क्षेत्र में सतर्कता बरतनी होगी।

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