प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन में गूंजी समाजहित की आवाज, सिंधीयत और प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर सौंपा ज्ञापन

प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन में गूंजी समाजहित की आवाज, सिंधीयत और प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर सौंपा ज्ञाप

 

भोपाल/कटनी। मध्य प्रदेश सिंधु भवन ट्रस्ट, भोपाल द्वारा आयोजित प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन-2026 में पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत, कटनी के प्रतिनिधिमंडल ने सिंधी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपराओं, एकता एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा।

सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोकसभा सांसद शंकर लालवानी, विधायक भगवानदास सबनानी एवं विधायक अशोक रोहाणी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सम्मेलन के दूसरे दिन आयोजित चर्चा में “सिंधीयत—असांजी पहचान, असांजो गौरव” विषय पर वक्ताओं ने कहा कि सिंधीयत केवल पहचान नहीं, बल्कि सिंधी भाषा, संस्कृति, संस्कार और सामाजिक एकता की अमूल्य धरोहर है। नई पीढ़ी को अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़ना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत, कटनी की ओर से समाजहित से जुड़ी प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में कटनी-माधवनगर क्षेत्र के पट्टा संबंधी लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने, पट्टा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने, मध्यप्रदेश सिंधी कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन तथा सिंधी समाज को राजनीतिक एवं संगठनात्मक स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करने की मांग की गई।

सम्मेलन में पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत, कटनी का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जिसमें अध्यक्ष चंदूलाल जादवानी, उपाध्यक्ष अमर पुरसवानी, सचिव राजकुमार रोहरा, सह-सचिव रवि प्रथ्यानी एवं सुरेश केशवानी शामिल रहे। इसके अलावा गोविंद सचदेवा, साजन सचदेव, उद्योगपति प्रेम बत्रा एवं संजय खुबचंदानी सहित अन्य समाजजन भी उपस्थित रहे।

माधवनगर पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत की ओर से संरक्षक झमटमल थारवानी, प्रकाश आहूजा, निरंजन पंजवानी, खियल चावला, पार्षद श्याम पंजवानी, पार्षद गोविंद चावला, चीनू गंगवानी, राहुल होतवानी, डॉ. प्रेम जसूजा एवं भावेश थारवानी सहित बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता की।

प्रतिनिधिमंडल ने समाज की समस्याओं के शीघ्र एवं सकारात्मक निराकरण की अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के हितों की रक्षा के साथ-साथ सिंधी भाषा, संस्कृति और सिंधीयत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए समाजजनों ने एकता, संगठन, सेवा और सिंधीयत को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया।

 

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