कटनी जिले के लिए राहत भरी खबर: नीम कोटेड यूरिया की 3 रैक झुकेही पहुंचीं, 1230 मीट्रिक टन खाद का आवंटन शुरू; ई-टोकन से होगा वितरण
Katni Fertilizer Stock 2026: कटनी के किसानों के लिए बड़ी राहत- झुकेही पहुंची 1575 मीट्रिक टन यूरिया की रैक; अब बिना 'E-Token' नहीं मिलेगी खाद, कलेक्टर का सख्त आदेश
कटनी जिले के लिए राहत भरी खबर: नीम कोटेड यूरिया की 3 रैक झुकेही पहुंचीं, 1230 मीट्रिक टन खाद का आवंटन शुरू; ई-टोकन से होगा वितरण
कटनी: कटनी जिले में खरीफ फसलों के लिए उर्वरक की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निरंतर प्रयासों से जिले को 1230 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया खाद प्राप्त हुई है। झुकेही रैक प्वाइंट पर यूरिया की 3 रैक पहुंची हैं, जहां से खाद को विभिन्न डबल लॉक केंद्रों, सहकारी समितियों और कृषि केंद्रों के लिए भेजा जा रहा है।
विभिन्न केंद्रों को यूरिया का आवंटन (आवंटन सूची)
जिला विपणन अधिकारी श्री आनंद नारायण पाण्डेय के अनुसार प्राप्त यूरिया को निम्नानुसार आवंटित किया गया है:
डबल लॉक केंद्र: बहोरीबंद, स्लीमनाबाद और बरही डबल लॉक केंद्रों को 150-150 मीट्रिक टन तथा मझगवां-बड़वारा डबल लॉक केंद्र को 90 मीट्रिक टन यूरिया दी गई है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कटनी: कुल 270 मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित।
एमपी एग्रो कटनी: कुल 180 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित।
सोसायटियां/CMS केंद्र: सीएमएस कटनी, उमरियापान-ढीमरखेड़ा, रीठी, बड़वारा, बाकल, स्लीमनाबाद, ढ़ीमरखेड़ा और प्रियदर्शनी विपणन विजयराघवगढ़ को 30-30 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित की गई है।
ई-टोकन (E-Token) प्रणाली से होगा खाद वितरण
कलेक्टर ने उपसंचालक कृषि को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिले में किसी भी किसान को बिना ई-टोकन के खाद का वितरण न किया जाए।
सॉफ्टवेयर तय करेगा मात्रा: किसान की खसरा भूमि और बोई गई फसल के आधार पर ही सॉफ्टवेयर खाद की मात्रा तय करेगा। इससे कालाबाजारी और जमाखोरी पर पूरी तरह रोक लगेगी।
स्टॉक की लाइव ट्रैकिंग: किसान घर बैठे पोर्टल पर देख सकेंगे कि किस केंद्र पर कितना स्टॉक उपलब्ध है।
कहां मिलेगा टोकन?: किसान प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), डबल लॉक केंद्रों, निजी विक्रेताओं, एमपी ऑनलाइन (MP Online) और कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) से ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशासन की अपील: संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें
कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अपनी भूमि की सेहत का ध्यान रखते हुए संतुलित मात्रा में ही यूरिया और अन्य उर्वरकों का इस्तेमाल करें। अनावश्यक यूरिया का उपयोग करने से फसल की लागत बढ़ती है और जमीन की उर्वरक क्षमता को भी नुकसान पहुंचता है।