Monday, May 18, 2026
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कटनी के किसानों के लिए राहत: झुकेही पहुंची खाद की दो और रैक; 360 MT यूरिया और 830 MT DAP का आवंटन शुरू, बिना ई-टोकन नहीं मिलेगी खाद

कटनी के किसानों के लिए राहत: झुकेही पहुंची खाद की दो और रैक; 360 MT यूरिया और 830 MT DAP का आवंटन शुरू, बिना ई-टोकन नहीं मिलेगी खाद। जायद फसलों के सीजन के बीच कटनी जिले के किसानों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। खाद की दो और बड़ी रैक झुकेही रैक पॉइंट पर पहुंच चुकी हैं। इस रैक के आने से कटनी जिले को 360 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया और 830 मीट्रिक टन डीएपी (DAP) खाद प्राप्त हुई है, जिसे झुकेही से सीधे परिवहन कर जिले के विभिन्न केंद्रों में भेजा जा रहा है।

कटनी के किसानों के लिए राहत: झुकेही पहुंची खाद की दो और रैक; 360 MT यूरिया और 830 MT DAP का आवंटन शुरू, बिना ई-टोकन नहीं मिलेगी खाद

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता का दावा करते हुए कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब पूरे जिले में केवल ई-टोकन (e-Token) के माध्यम से ही खाद का वितरण किया जाएगा।

केंद्रवार इस तरह होगा खाद का आवंटन:

नीम कोटेड यूरिया (कुल 360 मीट्रिक टन):

  • कटनी डबल लॉक केंद्र: 140 मीट्रिक टन

  • मझगवां बड़वारा डबल लॉक केंद्र: 90 मीट्रिक टन

  • मार्केटिंग सोसाइटी CMS उमरियापान-ढीमरखेड़ा: 50 मीट्रिक टन

  • CMS बाकल: 50 मीट्रिक टन

  • एमपी एग्रो कटनी: 30 मीट्रिक टन

डीएपी (DAP) खाद (कुल 830 मीट्रिक टन):

  • डबल लॉक केंद्र कटनी और मझगवां बड़वारा: 160-160 मीट्रिक टन

  • बहोरीबंद डबल लॉक केंद्र: 150 मीट्रिक टन

  • सहकारी बैंक कटनी: 120 मीट्रिक टन

  • एमपी एग्रो कटनी: 60 मीट्रिक टन

  • CMS कटनी, CMS उमरियापान ढीमरखेड़ा, CMS रीठी, CMS बड़वारा, प्रियदर्शनी विपणन और CMS बाकल: 30-30 मीट्रिक टन (प्रत्येक को)

सॉफ्टवेयर तय करेगा खाद की मात्रा, नियम तोड़ने पर होगी FIR

कलेक्टर श्री तिवारी ने उपसंचालक कृषि को निर्देशित किया है कि बिना ई-टोकन के खाद का वितरण कतई न हो। नई व्यवस्था के तहत किसान की जमीन (खसरा नंबर) और बोई गई फसल के आधार पर सॉफ्टवेयर खुद तय करेगा कि किस किसान को कितनी खाद मिलनी चाहिए।

किसान अब घर बैठे पोर्टल पर स्टॉक की स्थिति देख सकते हैं। ई-टोकन के लिए किसान भाई प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), डबल लॉक केंद्रों, निजी विक्रेताओं या एमपी ऑनलाइन और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जा सकते हैं। शासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी समिति या निजी विक्रेता बिना ई-टोकन के खाद बेचता मिला, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

‘जल गंगा संवर्धन अभियान’: केवलरहा में सजी ‘पानी चौपाल’

कटनी: जल स्रोतों के संरक्षण और खेती में पानी के सही उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत सोमवार को विकासखंड बहोरीबंद के ग्राम केवलरहा में उद्यानिकी विभाग द्वारा ‘पानी चौपाल’ का आयोजन किया गया।

इस चौपाल में उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित किसानों को पानी बचाने वाली आधुनिक सिंचाई पद्धतियों जैसे ड्रिप (टपक सिंचाई) एवं स्प्रिंकलर (फव्वारा सिंचाई) तकनीक के बारे में विस्तार से समझाया। इसके साथ ही क्लस्टर आधारित खेती, सब्जी, पुष्प, मसाला व फल उद्यान विस्तार की योजनाओं की जानकारी दी गई। किसानों को ‘सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ के तहत खुद का रोजगार शुरू करने के अवसरों के बारे में भी जागरूक किया गया।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि