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Cyber Fraud: 7 से 11 फीसदी मासिक रिटर्न का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाले एक बड़े साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश

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Cyber Fraud: 7 से 11 फीसदी मासिक रिटर्न का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाले एक बड़े साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़े 3 आरोपियों को सूरत व राजकोट से पकड़ा है. 350 करोड़ रुपए की बड़ी साइबर ठगी करने वाले गिरोह को सूरत साइबर क्राइम सेल ने गिरफ्तार किया है.

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की जांच में पता चला कि इन खातों के खिलाफ बिहार, हरियाणा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, केरल, मणिपुर और मध्य प्रदेश में शिकायतें दर्ज हैं.  डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मुख्य साजिशकर्ता दुबई भाग गए हैं. पुलिस अब उनकी तलाश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जांच कर रही है. इस मामले ने निवेशकों को सतर्क रहने और आकर्षक रिटर्न के वादों पर सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है.

साइबर ठग गिरोह ने लोगों के साथ 235 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक लेन-देन और लगभग 100 करोड़ रुपए के ‘अंगड़िया’ लेन-देन के जरिए ठगी की. इस धोखाधड़ी का दायरा इतना बड़ा है कि मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों में इनके बैंक खातों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं. 

 350 रुपए की ठगी

पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि गिरोह ने लोगों के साथ 235 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक लेन-देन और लगभग 100 करोड़ रुपए के ‘अंगड़िया’ लेन-देन के जरिए ठगी की है.  अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा है. इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता हि क मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों में इनके बैंक खातों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं

फर्जी कंपनियां से आकर्षित करते थे गिरोह के सदस्य

सूरत क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि गिरोह ने ‘आईवी ट्रेड (इनोवेटिव ट्रेड)’ और ‘स्काई ग्रोथ वेल्थ मैनेजमेंट’ जैसी फर्जी कंपनियां बनाकर निवेशकों को आकर्षित किया. यह स्कीम मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) पिरामिड मॉडल पर आधारित थी.

गिरोह चलाता था मुख्य आरोपी दानिश

क्राइम ब्रांच के डीसीपी रोजिया ने बताया कि पुलिस ने सूरत और राजकोट में छापेमारी कर 3 आरोपी दानिश, जयसुख पटोलिया और यश पटोलिया को गिरफ्तार किया. पिता नवीनभाई व भाई दीपेन के साथ गिरोह चलाने वाले मुख्य आरोपी दानिश के पास से 40 लाख कैश, मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, राउटर व चेकबुक समेत कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं.

मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों में दर्ज हुई हैं ठग गिरोह के खिलाफ शिकायतें

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की जांच में पता चला कि इन खातों के खिलाफ बिहार, हरियाणा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, केरल, मणिपुर और मध्य प्रदेश में शिकायतें दर्ज हैं. क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि इस स्कीम में 11 हजार से अधिक लोगों ने निवेश किया था.

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की जांच में पता चला कि इन खातों के खिलाफ बिहार, हरियाणा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, केरल, मणिपुर और मध्य प्रदेश में शिकायतें दर्ज हैं.  डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मुख्य साजिशकर्ता दुबई भाग गए हैं. पुलिस अब उनकी तलाश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जांच कर रही है. इस मामले ने निवेशकों को सतर्क रहने और आकर्षक रिटर्न के वादों पर सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है.
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