MP में औद्योगिक क्रांति: धार के भैंसोला में आकार ले रहा देश का सबसे बड़ा ‘PM मित्र पार्क’; ₹20,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 46 हजार को मिलेगा रोजगार

MP में औद्योगिक क्रांति: धार के भैंसोला में आकार ले रहा देश का सबसे बड़ा 'PM मित्र पार्क'; ₹20,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 46 हजार को मिलेगा रोजगार

MP में औद्योगिक क्रांति: धार के भैंसोला में आकार ले रहा देश का सबसे बड़ा ‘PM मित्र पार्क’; ₹20,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 46 हजार को मिलेगा रोजगार

धार/इंदौर: मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। धार जिले की बदनावर तहसील के भैंसोला गांव में देश के सबसे बड़े ‘पीएम मित्र पार्क’ (PM Mega Integrated Textile Region and Apparel Park) का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। लगभग 2,156 एकड़ के विशाल भूभाग पर फैलने वाला यह ड्रीम प्रोजेक्ट न केवल धार, बल्कि इंदौर सहित पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र की आर्थिक और औद्योगिक सूरत बदलने की क्षमता रखता है।

₹2,063 करोड़ की शुरुआती लागत वाले इस मेगा प्रोजेक्ट के पूर्ण होते ही इंदौर और उसका आसपास का क्षेत्र वैश्विक पटल पर एक प्रमुख टेक्सटाइल और गारमेंट हब के रूप में स्थापित हो जाएगा। MP में औद्योगिक क्रांति: धार के भैंसोला में आकार ले रहा देश का सबसे बड़ा ‘PM मित्र पार्क’; ₹20,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 46 हजार को मिलेगा रोजगार

₹20,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव और बंपर रोजगार

इस हाई-टेक टेक्सटाइल पार्क को लेकर देश-विदेश के उद्योगपतियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और इको-फ्रेंडली मॉडल

पार्क को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं का समावेश है:

नए उद्यमियों के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर

नवाचार (Innovation) और नए विचारों को पंख देने के लिए पार्क में एक विशेष ‘इन्क्यूबेशन सेंटर’ बनाया जा रहा है। यह सेंटर उन युवाओं के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जो टेक्सटाइल या फैशन के क्षेत्र में अपना नया स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। यहां उन्हें हाई-स्पीड इंटरनेट, ऑफिस स्पेस और बिजनेस एक्सपर्ट्स का मार्गदर्शन एक ही छत के नीचे मिलेगा।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और फोरलेन कनेक्टिविटी

लॉजिस्टिक्स को मजबूत और किफायती बनाने के लिए इस पार्क की कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया गया है:

आत्मनिर्भरता की ओर कदम: केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय और मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस ड्रीम प्रोजेक्ट की प्रगति की निरंतर समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना पूर्ण होते ही मध्य प्रदेश कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और निर्यात का एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करेगा।

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