बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी कैंडिडेट अभिषेक कुमार के हटने की ‘इनसाइड स्टोरी’; हलफनामा तो बहाना था, पिता का ‘चारा घोटाला’ कनेक्शन बना असली वजह!

बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी कैंडिडेट अभिषेक कुमार के हटने की 'इनसाइड स्टोरी'; हलफनामा तो बहाना था, पिता का 'चारा घोटाला' कनेक्शन बना असली वजह!

बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी कैंडिडेट अभिषेक कुमार के हटने की ‘इनसाइड स्टोरी’; हलफनामा तो बहाना था, पिता का ‘चारा घोटाला’ कनेक्शन बना असली वजह!

पटना: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक गलियारों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नामांकन (Nomination) के कुछ ही घंटों बाद अपना उम्मीदवार बदलने पर मजबूर होना पड़ा।

बीजेपी ने पहले घोषित प्रत्याशी अभिषेक कुमार को मैदान से हटाकर अब नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसके पीछे अभिषेक कुमार के चुनावी हलफनामे (Affidavit) में अधूरी जानकारी और नामांकन रद्द होने के डर को वजह बताया गया, लेकिन इस बड़े फैसले की असली ‘इनसाइड स्टोरी’ कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

क्यों काटा गया अभिषेक कुमार का टिकट? (असली इनसाइड स्टोरी)

बांकीपुर सीट पारंपरिक रूप से बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन की रही है। इस बार इस सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी पूरी ताकत से ताल ठोंक रहे हैं। ऐसे में बीजेपी कोई भी सियासी जोखिम लेने के मूड में नहीं थी। अभिषेक कुमार को अचानक हटाने के पीछे मुख्य वजह उनका पारिवारिक बैकग्राउंड और ‘चारा घोटाला’ बना:

बीजेपी को सता रहा था बैकफुट पर आने का डर: राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, चुनाव के दौरान विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उछालने की तैयारी में था। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रखने वाली बीजेपी के लिए चुनावी मंचों पर इस पारिवारिक बैकग्राउंड को लेकर सफाई देना या अपना बचाव (Defense) करना बेहद मुश्किल हो जाता। यही वजह रही कि पार्टी ने तुरंत डैमेज कंट्रोल करते हुए चेहरा बदल दिया। हालांकि, मैदान से हटने के बाद अभिषेक कुमार ने इसे अपनी ‘पारिवारिक वजह’ बताया है।

प्रशांत किशोर का तंज: “जन बल के आगे कोई बल नहीं”

उम्मीदवार बदले जाने की इस घटना पर जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा: बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी कैंडिडेट अभिषेक कुमार के हटने की ‘इनसाइड स्टोरी’; हलफनामा तो बहाना था, पिता का ‘चारा घोटाला’ कनेक्शन बना असली वजह!

“जन बल के आगे कोई बल नहीं टिकता। अब तक दूसरे दलों के उम्मीदवार बीजेपी के डर से मैदान छोड़कर भागते थे, लेकिन यह पहली बार इंसाफ हुआ है कि खुद बीजेपी का उम्मीदवार मैदान छोड़कर भाग गया है। यही लोकतंत्र की असली ताकत है। जैसे ही जनता जाति, धर्म, पार्टी और नेताओं से ऊपर उठकर खड़ी हुई, बीजेपी जैसी बड़ी पार्टी को अपना कैंडिडेट बदलना पड़ा।”

बांकीपुर सीट पर हुए इस अचानक बदलाव ने अब यहां के चुनावी मुकाबले को और भी दिलचस्प और त्रिकोणीय बना दिया है।

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