इंदौर ड्रग्स केस: जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी पर बढ़ा जांच का दायरा; ऑनलाइन सट्टे और पैडलर्स से कनेक्शन खंगाल रही पुलिस, कांग्रेस बोली- ‘राजनीतिक द्वेष’
इंदौर: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से जुड़े कथित ड्रग्स मामले में इंदौर पुलिस की जांच तेज हो गई है। पुलिस अब इस मामले में नए पहलुओं को जोड़कर जांच का दायरा बढ़ा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस नाना पटवारी के कथित ड्रग्स नेटवर्क के साथ-साथ ऑनलाइन सट्टे (Online Betting) के संभावित संबंधों की भी गंभीरता से पड़ताल कर रही है। इंदौर ड्रग्स केस: जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी पर बढ़ा जांच का दायरा; ऑनलाइन सट्टे और पैडलर्स से कनेक्शन खंगाल रही पुलिस, कांग्रेस बोली- ‘राजनीतिक द्वेष’
मोबाइल डेटा और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने मामले में तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों को आधार बनाया है। नाना पटवारी और हाल ही में गिरफ्तार किए गए ड्रग्स तस्करों (पैडलर्स) के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल डेटा की बारीकी से जांच की जा रही है।
इस डिजिटल पड़ताल के दौरान कुछ संदिग्ध पैडलर्स और युवतियां पुलिस के रडार पर आ गई हैं, जिनसे पूछताछ की तैयारी चल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस नेटवर्क के तार किसी बड़े रैकेट या वित्तीय हेरफेर से जुड़े हैं।
कांग्रेस ने लगाया बदले की राजनीति का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में भी उबाल आ गया है। कांग्रेस इसे पूरी तरह से राजनीतिक साजिश और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बता रही है।
शुक्रवार को इंदौर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी हरीश चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर जमकर निशाना साधा। चौधरी ने कहा,
“नाना पटवारी पर पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई पूरी तरह से द्वेषपूर्वक और दुर्भावना से प्रेरित है। सरकार केवल विपक्ष की छवि को धूमिल करने और राजनीतिक फायदा उठाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।”
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि इंदौर की राजेंद्र नगर पुलिस ने हाल ही में करीब 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो कथित ड्रग पैडलर्स (इरफान और संजय) को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया था कि यह कंसाइनमेंट नाना पटवारी और एक अन्य व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने नाना पटवारी को हिरासत में लेकर करीब 11 घंटे तक पूछताछ की थी और बाद में उन्हें छोड़ दिया था।
वहीं, नाना पटवारी और खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि केवल जीतू पटवारी का भाई होने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे केवल साक्ष्यों और बयानों के आधार पर ही कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।
