शासकीय कन्या महाविद्यालय, में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण विषयक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण विषयक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजि

कटनी, -आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के आदेश के अनुपालन में शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में “मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण” विषय पर ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना, तनाव प्रबंधन के प्रभावी उपायों से परिचित कराना तथा सकारात्मक एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रश्मि चतुर्वेदी के संयोजन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्राओं एवं महाविद्यालय के समस्त स्टॉफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रमुख गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य एवं छात्र कल्याण से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए, जिससे मानसिक चुनौतियों, भावनात्मक संतुलन तथा सकारात्मक सोच के महत्व पर सार्थक चर्चा हुई। जिनके माध्यम से छात्राओं को तनाव प्रबंधन, समस्या समाधान, आत्मविश्वास, भावनात्मक संतुलन तथा टीम भावना विकसित करने की व्यावहारिक तकनीकों से अवगत कराया गया।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियाँ व्यक्ति के विकास का माध्यम होती हैं। यदि समस्याओं को अवसर के रूप में स्वीकार कर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाए तो प्रत्येक कठिनाई का समाधान संभव है। उन्होंने छात्राओं से मानसिक रूप से सशक्त बनने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्श लेने में संकोच न करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों एवं मिनी गेम्स के माध्यम से छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता समझाते हुए तनाव को कम करने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के सरल एवं प्रभावी उपाय बताए। इन गतिविधियों ने छात्राओं को सीखने के साथ-साथ एक-दूसरे के साथ संवाद स्थापित करने और आत्मीय वातावरण में अपनी भावनाएँ व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि “स्वस्थ मन ही सफल जीवन की आधारशिला है।” इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे तथा सभी ने मानसिक स्वास्थ्य को जीवन का अभिन्न अंग मानते हुए इसे दैनिक जीवन में प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।

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