Opration Hamdard: सतना से रेवांचल एक्सप्रेस पकड़कर भोपाल पहुंचा था 10 साल का मासूम; पुलिस ने माँ से मिलाया
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रानी कमलापति (RKMP) रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस की मुस्तैदी और मानवीय चेहरे ने एक उजड़ते हुए परिवार को फिर से खुशियों से भर दिया। जीआरपी द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन हमदर्द’ की बदौलत एक 10 वर्षीय मासूम बालक, जो अपने परिवार से बिछड़कर सतना से अकेले भोपाल पहुंच गया था, उसे सुरक्षित उसकी माँ के हवाले कर दिया गया। जब माँ ने अपने कलेजे के टुकड़े के सही-सलामत होने की खबर सुनी, तो वह थाने में ही फूट-फूटकर रो पड़ी और भावुक होकर पुलिसकर्मियों का आभार जताया।
स्टेशन के ओवरब्रिज पर भीख मांगता मिला था बच्चा
जीआरपी पुलिस के अनुसार, बुधवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ‘ऑपरेशन हमदर्द’ के तहत स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्मों पर घूम रहे बेसहारा, लावारिस और संदिग्ध लोगों की चेकिंग व उनका डोजियर (रिकॉर्ड) तैयार करने का काम चल रहा था। इसी दौरान रेलवे ओवरब्रिज पर ड्यूटी कर रहीं महिला आरक्षकों की नजर एक 10 साल के बच्चे पर पड़ी, जो वहां आने-जाने वाले यात्रियों से भीख मांग रहा था। बच्चे की उम्र और अकेलेपन को देखकर महिला पुलिसकर्मियों को शक हुआ। वे बेहद संवेदनशीलता के साथ बच्चे को सुरक्षित जीआरपी थाने लेकर आईं।
काउंसलिंग में खुला राज: सतना से अकेले बैठ गया था ट्रेन में
थाने लाकर महिला आरक्षकों ने बच्चे को खाना खिलाया और प्यार से पूछताछ (काउंसलिंग) शुरू की, जिसके बाद बच्चे ने अपनी पूरी कहानी बयां की। बच्चे ने बताया कि वह सतना जिले का रहने वाला है और घर से बिना बताए रेवांचल एक्सप्रेस में अकेले बैठकर भोपाल पहुंच गया था। भोपाल स्टेशन पर उतरने के बाद वह रास्ता भटक गया और भूख मिटाने के लिए सुबह से ही स्टेशन परिसर में भीख मांग रहा था।
तलाश की चाबी बना ‘एक मोबाइल नंबर’
बातचीत के दौरान मासूम बच्चे ने सूझबूझ दिखाते हुए पुलिस को अपनी माँ का मोबाइल नंबर याद करके बताया। जीआरपी ने बिना एक पल गंवाए उस नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाते ही जब माँ को बताया गया कि उसका लापता बेटा भोपाल में पुलिस के पास सुरक्षित है, तो माँ की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह तुरंत सतना से भोपाल के लिए रवाना हुई।
‘Zero Down Payment’ पर कार खरीदने से पहले जान लें ये कड़वा सच, फायदे से ज्यादा हो सकता है नुकसान
जीआरपी की अपील: जीआरपी थाना प्रभारी ने इस मौके पर ‘ऑपरेशन हमदर्द’ की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि रेलवे स्टेशनों पर बच्चों और लावारिस लोगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने छोटे बच्चों को मोबाइल नंबर और घर का पता जरूर याद कराएं, क्योंकि संकट के समय यही जानकारी सुरक्षा कवच बनती है।
