MP Employees Promotion: मध्य प्रदेश में 10 साल बाद खुला पदोन्नति का रास्ता, सतना संभाग ने पहला आदेश जारी कर रचा इतिहास
सतना/भोपाल: मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। राज्य में वर्ष 2016 से (पिछले 10 वर्षों से) रुकी हुई सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति (Promotion) प्रक्रिया का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। इस नई शुरुआत के तहत प्रदेश का पहला आधिकारिक पदोन्नति आदेश सतना संभाग से जारी किया गया है।
राज्य कर (वाणिज्यिक कर) विभाग के सतना संभाग के उपायुक्त उमेश तिवारी की पहल पर यह आदेश जारी हुआ है, जिसके बाद सतना पूरे मध्य प्रदेश में सबसे पहले प्रमोशन ऑर्डर जारी करने वाला संभाग बन गया है।
त्वरित कार्रवाई: 3 जुलाई को बैठक और उसी दिन आदेश जारी
मुख्यालय से मिले दिशा-निर्देशों के बाद सतना संभाग ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई की। 3 जुलाई 2026 को विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की विशेष बैठक आयोजित की गई और सभी पात्रता मानकों को परखते हुए उसी दिन पदोन्नति के अंतिम आदेश भी जारी कर दिए गए।
इन कर्मचारियों की चमकी किस्मत; चतुर्थ वर्ग से बने बाबू
सतना संभाग द्वारा जारी पहले आदेश में चतुर्थ वर्ग (Class-4) के कर्मचारियों को प्रमोट कर सहायक ग्रेड-3 (Assistant Grade-3) यानी बाबू के पद पर पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति पाने वाले भाग्यशाली कर्मचारियों के नाम इस प्रकार हैं:
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सत्यनारायण वर्मा
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महेन्द्र प्रताप सिंह
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पंकज कुमार अहिरवार
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ओम प्रकाश सिंह
आदेश में लागू रहेंगी ये 2 बड़ी शर्तें
प्रमोशन का रास्ता भले ही खुल गया हो, लेकिन इस आदेश में विभाग ने दो बेहद महत्वपूर्ण शर्तें भी जोड़ी हैं: MP Employees Promotion: मध्य प्रदेश में 10 साल बाद खुला पदोन्नति का रास्ता, सतना संभाग ने पहला आदेश जारी कर रचा इतिहास
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कोर्ट के फैसले के अधीन: यह पदोन्नति प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में पदोन्नति (आरक्षण व अन्य मामलों) से संबंधित लंबित याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
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CPCT परीक्षा अनिवार्य: पदोन्नत किए गए सभी कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सीपीसीटी (CPCT) परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।MP Employees Promotion: मध्य प्रदेश में 10 साल बाद खुला पदोन्नति का रास्ता, सतना संभाग ने पहला आदेश जारी कर रचा इतिहास
अन्य विभागों के लिए बनेगी मिसाल: सेवा नियमों के विशेषज्ञ माने जाने वाले संभागीय उपायुक्त उमेश तिवारी की इस त्वरित पहल की प्रदेश स्तर पर सराहना हो रही है। लंबे समय से अपनी तरक्की का इंतजार कर रहे एमपी के शासकीय सेवकों के लिए सतना की यह पहल एक बड़ी मिसाल बन गई है। माना जा रहा है कि अब भोपाल मुख्यालय सहित प्रदेश के अन्य संभागों और विभागों में भी पदोन्नति की फाइलें रॉकेट की रफ्तार से दौड़ेंगी।
