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दिल्ली दंगा: शरजील इमाम और उमर खालिद की नई जमानत याचिकाओं पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, बिना ट्रायल 6 साल जेल में रहने की दी दलील

14 09 2020 umarkhalid 20746317

दिल्ली दंगा: शरजील इमाम और उमर खालिद की नई जमानत याचिकाओं पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, बिना ट्रायल 6 साल जेल में रहने की दी दलील

नई दिल्ली:  उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के पीछे बड़ी साजिश (Larger Conspiracy Case) रचने के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की नई जमानत याचिकाओं पर दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दोनों पक्षों के वकीलों की लंबी और तीखी दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला अपने पास सुरक्षित रखा, जो जल्द ही सुनाया जा सकता है।

कोर्ट में क्या हुई बहस?

सुनवाई के दौरान आरोपियों और दिल्ली पुलिस के वकीलों के बीच सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों और व्याख्याओं को लेकर कानूनी बहस छिड़ गई:

‘बिना आरोप तय हुए जेल में बीते 6 साल’ – उमर और शरजील

उमर खालिद और शरजील इमाम ने कोर्ट के सामने जेल में बिताए लंबे वक्त को आधार बनाकर राहत की मांग की है:

क्यों दाखिल करनी पड़ी नई जमानत याचिकाएं?

दरअसल, इसी साल 5 जनवरी (2026) को सुप्रीम कोर्ट ने UAPA के इस मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम दोनों को जमानत देने से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इसी मामले के अन्य सह-आरोपियों—गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को राहत दे दी थी। इसी के बाद दोनों आरोपियों ने जमानत देने से इनकार करने वाली कानूनी व्याख्या पर सवाल उठाते हुए कड़कड़डूमा कोर्ट में यह नई अर्जियां दाखिल की थीं, जिस पर अब कोर्ट जल्द ही अपना फैसला सुनाएगा।

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