बड़ी कार्रवाई: भारत सरकार ने UAPA के तहत 23 लोगों को घोषित किया ‘आतंकवादी’, गृह मंत्रालय ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन
नई दिल्ली: आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को आगे बढ़ाते हुए भारत सरकार ने आज एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर 23 व्यक्तियों को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है। इस लिस्ट में पाकिस्तान आधारित खूंखार आतंकी संगठनों-जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)-से जुड़े कई सक्रिय आतंकियों के नाम शामिल हैं।
आतंकी भर्ती, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई में थे शामिल
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ये सभी 23 व्यक्ति भारत के खिलाफ कई गंभीर देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। इन पर मुख्य रूप से:
- नए आतंकियों की भर्ती और उन्हें ट्रेनिंग देना,
- आतंकी गतिविधियों के लिए टेरर फंडिंग (वित्तीय सहायता) जुटाना,
- सीमा पार से अत्याधुनिक हथियारों और गोला-बारूद की सप्लाई करना,
- भारतीय सीमा में घुसपैठ और बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने तथा उन्हें अंजाम दिलाने के गंभीर आरोप हैं।
सुनजवां और नागरोटा आर्मी कैंप हमलों के मास्टरमाइंड शामिल
इस नई सूची में भारत के सैन्य ठिकानों पर हुए बड़े हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और मददगार शामिल हैं:
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सुनजवां आर्मी कैंप हमला (2022): जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकी मसूद इलियास कश्मीरी को इस हमले की मुख्य साजिश से जोड़ा गया है। वहीं, एक अन्य आतंकी मोहम्मद मुसद्दिक (JeM) पर इस हमले के दौरान घुसपैठ कराने और पूरे आतंकी ऑपरेशन का तालमेल (coordination) संभालने का आरोप है।
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नागरोटा आर्मी कैंप हमला (2016): आतंकी मुफ्ती मोहम्मद असगर खान को नागरोटा हमले से जुड़े घुसपैठ नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया गया है। इसके अलावा, हाफिज अब्दुल शकूर पर हमले से पहले स्थानीय नेटवर्क स्थापित करने और अब्दुल्ला जेहादी (शाह नवाज) पर हमलावर आतंकियों की मदद करने व जैश के कई ट्रेनिंग कैंप चलाने का आरोप है।
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लॉन्चिंग कमांडर और सप्लायर: लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लॉन्चिंग कमांडर फिरदौस अहमद भट को घुसपैठ और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के लिए नामजद किया गया है। वहीं, बिलाल अहमद मीर उर्फ अहमद भाई (LeT/TRF) पर सीमा पार से हथियारों की सप्लाई और आतंकी नेटवर्क संचालित करने का आरोप है। बड़ी कार्रवाई: भारत सरकार ने UAPA के तहत 23 लोगों को घोषित किया ‘आतंकवादी’, गृह मंत्रालय ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन
क्या है UAPA कानून?
गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (Unlawful Activities Prevention Act – UAPA) भारत का सबसे कड़ा आतंकवाद-विरोधी कानून है। इसका प्राथमिक उद्देश्य भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों को रोकना है। साल 2019 में इस कानून में किए गए संशोधनों के बाद, सरकार को यह अधिकार मिला है कि वह न सिर्फ आतंकी संगठनों बल्कि किसी विशेष व्यक्ति (Individual) को भी जांच के आधार पर सीधे ‘आतंकवादी’ घोषित कर सकती है।
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इस कदम के बाद अब इन 23 घोषित आतंकियों की संपत्तियों को कुर्क करने और उनके वैश्विक वित्तीय लेनदेन को पूरी तरह फ्रीज करने की राह साफ हो गई है।
