अडाणी एंटरप्राइजेज की बड़ी कामयाबी: QIP से जुटाए ₹15,000 करोड़, 4 गुना से ज्यादा मिला सब्सक्रिप्शन
मुंबई/नई दिल्ली: अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज ने अपने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए सफलतापूर्वक 15,000 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। बाजार में कंपनी के इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त और बंपर समर्थन मिला। यह QIP कुल मिलाकर 4 गुना से भी ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है, जो अडाणी ग्रुप पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
ग्लोबल दिग्गज और घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने लगाया पैसा
सूत्रों के मुताबिक, अडाणी एंटरप्राइजेज के इस QIP में दुनिया की दिग्गज विदेशी निवेश कंपनियों के साथ-साथ भारत के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स ने भारी निवेश किया है:
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ग्लोबल निवेशक: कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, ब्लैकरॉक, ब्लैकस्टोन और नोमुरा जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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घरेलू निवेशक: भारत की अग्रणी म्यूचुअल फंड कंपनियों जैसे एसबीआई (SBI), एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, कोटक, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, टाटा और मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड्स ने इसमें दांव लगाया।
₹10,000 करोड़ का था बेस इश्यू, आईं ₹38,000 करोड़ की बोलियां
कंपनी ने शुरुआत में 2 जुलाई 2026 को 10,000 करोड़ रुपये का QIP लॉन्च किया था, जिसमें 5,000 करोड़ रुपये का ग्रीनशू (Greenshu) ऑप्शन भी शामिल था। बाजार में भारी मांग और जबरदस्त उत्साह को देखते हुए कंपनी ने इश्यू का कुल साइज बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपये कर दिया। इस इश्यू के लिए कुल 38,000 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां प्राप्त हुईं।
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शेयर की कीमत: कंपनी ने इस QIP के लिए शेयर की कीमत ₹2,883 प्रति शेयर तय की थी, जो SEBI के फ्लोर प्राइस से 5% और 2 जुलाई के क्लोजिंग प्राइस से करीब 9.3% कम थी।
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बाजार का रिएक्शन: इस सफल घोषणा के बाद शुक्रवार को अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 1.02% बढ़कर ₹3,209 पर बंद हुआ। इस इश्यू के तहत कंपनी लगभग 34.7 मिलियन नए शेयर जारी करेगी।
कहाँ खर्च होगी यह भारी-भरकम रकम?
कंपनी ने साफ किया है कि QIP से जुटाई गई इस बड़ी रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाएगा:
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कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च): कंपनी के इनक्यूबेशन बिजनेस (जैसे नए और उभरते प्रोजेक्ट्स) को तेजी से बढ़ाने के लिए।
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कर्ज का भुगतान: समूह के मौजूदा कर्ज को कम कर बैलेंस शीट को और मजबूत करने के लिए।
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कॉर्पोरेट विकास और अधिग्रहण: भविष्य में नए रणनीतिक निवेश और कंपनियों के अधिग्रहण (Inorganic Growth) के मौकों का फायदा उठाने के लिए।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है: अक्टूबर 2024 के प्लेसमेंट और वित्त वर्ष 2026 (FY26) के राइट्स इश्यू के बाद, अडाणी एंटरप्राइजेज का यह सफल QIP कंपनी की वित्तीय स्थिति को अभूतपूर्व मजबूती देगा और आने वाले समय में इसके मेगा प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार मिलेगी।
