मुंबई लोकल में महिलाओं की सुरक्षा का ‘मास्टर प्लान’: रात 8 से सुबह 8 बजे तक लेडी होमगार्ड्स का पहरा, गृह राज्यमंत्री का बड़ा एलान

मुंबई लोकल में महिलाओं की सुरक्षा का 'मास्टर प्लान': रात 8 से सुबह 8 बजे तक लेडी होमगार्ड्स का पहरा, गृह राज्यमंत्री का बड़ा एलान

मुंबई लोकल में महिलाओं की सुरक्षा का ‘मास्टर प्लान’: रात 8 से सुबह 8 बजे तक लेडी होमगार्ड्स का पहरा, गृह राज्यमंत्री का बड़ा एलान

मुंबई। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली उपनगरीय लोकल ट्रेनों में महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। अब लोकल ट्रेनों के महिला डिब्बों में रोजाना रात 8:00 बजे से लेकर सुबह 8:00 बजे तक (पूरे 12 घंटे) महिला होमगार्ड की तैनाती की जाएगी। सरकार का यह कदम देर रात और तड़के (सुबह-सुबह) सफर करने वाली लाखों नौकरीपेशा महिलाओं को एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल देने के लिए उठाया गया है।

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हाल ही में लोकल ट्रेनों में यात्रियों पर हमले, चेन स्नैचिंग, मोबाइल चोरी और भारी भीड़ के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुरक्षा इंतजामों को बेहद सख्त करने का निर्णय लिया गया है।

177 स्टेशनों पर 6,900 CCTV और फेशियल रिकग्निशन तकनीक

राज्य के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने विधान परिषद में सुरक्षा के इस आधुनिक ग्रिड की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के 177 रेलवे स्टेशनों पर लगभग 6,900 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं।

हाईटेक सुरक्षा का दम: अब रेलवे सुरक्षा में फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी एडवांस तकनीक की बदौलत हाल ही में रेलवे पुलिस ने एक गंभीर अपराध के आरोपी को महज 15 घंटे के भीतर धर दबोचा।

सुरक्षा एजेंसियों की होगी संयुक्त बैठक

महिला सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी समीक्षा के लिए जल्द ही रेलवे पुलिस (GRP), रेलवे प्रशासन (सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे) और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की एक संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में सुरक्षा के मौजूदा लूपहोल्स को बंद करने और नए कड़े कदमों पर चर्चा होगी। मुंबई लोकल में महिलाओं की सुरक्षा का ‘मास्टर प्लान’: रात 8 से सुबह 8 बजे तक लेडी होमगार्ड्स का पहरा, गृह राज्यमंत्री का बड़ा एलान

स्टाफ की कमी पर केंद्र से मांगी जाएगी मदद

गृह राज्यमंत्री ने सदन में रेलवे पुलिस बल के आंकड़ों का ब्योरा भी पेश किया:

अधिकारियों की व्यावहारिक चुनौती: रेलवे अधिकारियों का मानना है कि मुंबई के अधिकांश स्टेशनों पर कई एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स होने के कारण हर एक यात्री की मैन्युअल जांच करना व्यावहारिक रूप से मुमकिन नहीं है। यही वजह है कि अब प्लेटफॉर्म्स, संवेदनशील इलाकों और ट्रेनों के भीतर लगातार रैंडम चेकिंग (आकस्मिक जांच) और सीसीटीवी मॉनिटरिंग के जरिए संदिग्धों पर बाज जैसी नजर रखी जा रही है।

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