दतिया में इतिहास का पहला उपचुनाव: ढाई साल में ही दोबारा वोट डालेंगे 2.20 लाख मतदाता
दतिया में इतिहास का पहला उपचुनाव: ढाई साल में ही दोबारा वोट डालेंगे 2.20 लाख मतदाता
दतिया में इतिहास का पहला उपचुनाव: ढाई साल में ही दोबारा वोट डालेंगे 2.20 लाख मतदाता
दतिया में इतिहास का पहला उपचुनाव: ढाई साल में ही दोबारा वोट डालेंगे 2.20 लाख मतदाता
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर राजनीति का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। चुनाव आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा किए जाने के साथ ही दतिया के इतिहास में पहली बार उपचुनाव का बिगुल फूंक दिया गया है। इस घोषणा के बाद से ही समूचा क्षेत्र चुनावी रंग में रंग गया है और इंटरनेट मीडिया से लेकर चाय की थड़ियों तक पर राजनीतिक चर्चाएं गरमा गई हैं।
ढाई साल में दोबारा चुनेंगे अपना विधायक
दतिया विधानसभा के इतिहास में यह पहला मौका है जब पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही मतदाताओं को दोबारा अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिल रहा है। विधानसभा क्षेत्र के कुल 2 लाख 20 हजार 334 मतदाता मात्र ढाई साल के भीतर एक बार फिर पोलिंग बूथों का रुख करेंगे। दतिया में इतिहास का पहला उपचुनाव: ढाई साल में ही दोबारा वोट डालेंगे 2.20 लाख मतदाता
नई मतदाता सूची (SIR) के आधार पर प्रदेश का पहला चुनाव
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मध्य प्रदेश में होने वाला यह पहला चुनाव है। चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित की गई नई मतदाता सूची के आधार पर ही यह उपचुनाव संपन्न कराया जाएगा।
दतिया मतदाता सूची की नई स्थिति:
महिला मतदाता: 1,42,046
पुरुष मतदाता: 1,16,088
कुल मतदाता: 2,20,334
सोशल मीडिया पर ‘कमबैक’ वीडियो वायरल, सियासी हलचल तेज
गुरुवार को जैसे ही चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान किया, दतिया का सियासी पारा अचानक बढ़ गया। इंटरनेट मीडिया पर पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
यह वीडियो वर्ष 2023 के चुनाव परिणामों के बाद का है, जिसमें वह भावुक अंदाज में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कह रहे हैं— “मैं वापस आऊंगा, ये वादा है मेरा।” इस वीडियो के दोबारा प्रसारित होने के बाद क्षेत्र में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं और चुनावी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि दतिया की जनता इस ऐतिहासिक उपचुनाव में किसके सिर पर जीत का सेहरा बांधती है।