मजदूरों के लिए: वित्त मंत्री ने कहा, गांव वापस लौटने वाले मजदूरों के लिए मनरेगा में रोजाना मिलने वाले रकम को बढ़ाकर 202 रुपए रोजाना कर दिया गया। इसके लिए 10000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया ताकि वापस गए मजदूरों को काम मिल सके। प्रवासी मजदूरों की मदद मनरेगा के माध्यम से कैसे की जाए उसके लिए हम योजना लेकर आए हैं। 13 मई तक 14.62 करोड़ दिन जनरेट किए जा चुके हैं। 14.62 करोड़ कार्य दिवस का काम 13 मई 2020 तक उपलब्ध कराया गया है, 10 हजार करोड़ का खर्च हुआ है, काम जो ऑफर किया गया वो 2.33 करोड़, पिछले साल के मुकाबले 40 से 50 प्रतिशत अधिक लोगों को काम दिया ।
देश में सभी मजदूरों को समान न्यूनतम वेतन देना होगा,10 मजदूरों से अधिक के उद्योगों को ईएसआईसी ESIC कवरेज जरूरी, मजदूरों को नियुक्ति पत्र भी मिलेंगे व वर्ष में एक बार हेल्थ चेकअप भी होगा।
प्रवासी मजदूरों के लिए तीन कदम- सभी प्रवासी मजदूरों को दो महीने तक मुफ्त अनाज, कार्ड होल्डर्स को गेंहू चावल पहले ही मिलता है। निःशुल्क खाद्यान सभी प्रवासी मजदूरों के लिए, ऐसे मजदूर जिनके पास कार्ड नहीं है तो भी उन्हें अब 5 Kg चावल/गेंहूं और 1kg चना प्रति परिवार के दर से दो महीने तक मिलेगा।
साल में एक बार मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच भी होगी। जोखिम वाले क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए कानून लाएंगे। गिग वर्कर और प्लेटफॉर्म वर्कर के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना होगी।
One Nation One Ration Card स्कीम:देश में One Nation One Ration Card स्कीम यानी एक देश एक राशन कार्ड स्कीम लागू होगी। इसका फायदा यह होगा कि गरीब देश के किसी भी हिस्से में जाएं, उन्हें कार्ड से राशन मिल जाएगा। अब तक 67 करोड़ लाभार्थी को 23 राज्यों में इसके दायरे में लाएंगे, जो 83 फीसद है, मार्च 2021 तक इसे 100 प्रतिशत करेंगे
स्ट्रीट वेंडर या रेहड़ी वालों के लिए: स्ट्रीट वेंडर या रेहड़ी वाले, खोमचेवालों की मदद के लिए 5 हजार करोड़ की सहायता उपलब्ध होगी, 10 हजार की प्रतिव्यक्ति सहायता उपलब्ध होगी, डिजिटल पेमेंट करने वालों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, बेहतर भुगतान करने पर आगे अधिक ऋण सहायता मिल सकेगी।
Nirmala Sitharaman Press Conference Part-1 की बड़ी बातें
- सुक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योग यानी MSME क्षेत्र में बिना गारंटी के लोन दिया जाएगा। इससे 2 लाख यूनिट्स को साभ मिलेगा।
- MSME की परिभाषा बदल दी गई है। अब 1 करोड़ के निवेश और 5 करोड़ के टर्नओवर तक माइक्रो यूनिट ही रहेगा और MSME का दर्जा और फायदा मिलता रहेगा।
- EPF के लिए दी गई सहायता अगले 3 मई के लिए बढ़ा दी गई। यानी 15,000 रुपए से कम वेतन वालों का EPF अब अगस्त तक सरकार भरेगी।
- मौजूदा TDS व TCS दरों में 25 फीसदी की कटौती की गई है। यह कटौती गुरुवार से लागू हो गई। इससे 50,000 करोड़ रुपए लोगों की जेब में बचेंगे।
- इनकम टैक्स रिटर्न की तारीख भी 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।

