‘गलत रिपोर्टिंग की गई’: कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन मामले पर CJI सूर्यकांत की सफाई, मीडिया रिपोर्ट पर जताई नाराजगी
'गलत रिपोर्टिंग की गई': कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन मामले पर CJI सूर्यकांत की सफाई, मीडिया रिपोर्ट पर जताई नाराजगी
भारत के 53वें CJI बनेंगे जस्टिस सूर्यकांत, अनुच्छेद 370, SIR और पेगासस जैसे अहम मामलों में निभाई थी बड़ी भूमिका
‘गलत रिपोर्टिंग की गई’: कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन मामले पर CJI सूर्यकांत की सफाई, मीडिया रिपोर्ट पर जताई नाराजगी
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी याचिका पर मीडिया में आई खबरों को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। CJI ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि मीडिया ने इस मामले में गलत रिपोर्टिंग की कि कोर्ट ने केस को लिस्ट करने से इनकार कर दिया था।
CJI सूर्यकांत ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा:
“मीडिया ने गलत रिपोर्टिंग की कि मैंने मामले को लिस्ट करने से इनकार कर दिया। यह सिर्फ एक रिप्रेजेंटेशन था और लोगों ने बिना सोचे-समझे इसकी रिपोर्टिंग शुरू कर दी। मैंने रजिस्ट्री से पता किया, इस मामले में कोई भी कागज दाखिल नहीं किया गया था।”
क्या था पूरा मामला?
बुधवार को दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज का मामला वकील नरेंद्र मिश्रा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में मेंशन करने की कोशिश की गई थी।
वकील का पक्ष: वकील नरेंद्र मिश्रा ने कहा कि यह मामला NEET पेपर लीक के छात्रों, परीक्षा के उचित संचालन और NTA में सुधार से जुड़ा है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को दर्शाने वाले वीडियो देखने का अनुरोध भी किया।
CJI की टिप्पणी: सुनवाई के दौरान हुई बातचीत और वकील को “अपना और हमारा समय बर्बाद मत कीजिए” कहने वाली टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई थी।
CJI की सफाई: अब चीफ जस्टिस ने साफ किया है कि औपचारिक रूप से कोई याचिका या दस्तावेज रजिस्ट्री में फाइल ही नहीं किए गए थे, केवल मौखिक उल्लेख और रिप्रेजेंटेशन था। ‘गलत रिपोर्टिंग की गई’: कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन मामले पर CJI सूर्यकांत की सफाई, मीडिया रिपोर्ट पर जताई नाराजगी
20 जुलाई को नीट पेपर लीक और NTA सुधारों को लेकर CJP के नेतृत्व में छात्रों का एक समूह संसद भवन की ओर मार्च कर रहा था।
पुलिस कार्रवाई: प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।
पत्थरबाजी: इस दौरान कुछ उपद्रवियों द्वारा पत्थरबाजी भी की गई, जिससे कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए।
सियासी बवाल: घटना के बाद से ही कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल केंद्र सरकार पर हमलावर हैं और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।