मौत के 6 साल बाद कागजों में भी खत्म हुआ कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे, हाईकोर्ट के दखल पर जारी हुआ डेथ सर्टिफिकेट

मौत के 6 साल बाद कागजों में भी खत्म हुआ कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे, हाईकोर्ट के दखल पर जारी हुआ डेथ सर्टिफिकेट

कानपुर/नई दिल्ली। कानपुर के चर्चित बिकरू कांड के मुख्य आरोपी और कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की एनकाउंटर में मौत के करीब छह साल बाद आखिरकार उसका मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जारी कर दिया गया है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और सख्त रुख के बाद कानपुर नगर निगम ने 11 सितंबर 2026 को विकास दुबे (पुत्र रामकुमार दुबे) के नाम से आधिकारिक डेथ सर्टिफिकेट जारी किया।

पिता के नाम की स्पेलिंग बनी 6 साल की अड़चन

विकास दुबे की 10 जुलाई 2020 को पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। मौत के बाद तैयार की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बॉडी डिस्पोजल स्लिप में उसके पिता का नाम रामकुमार दुबे की जगह गलती से राजकुमार दुबे दर्ज हो गया था। इस प्रशासनिक चूक के कारण नगर निगम ने डेथ सर्टिफिकेट जारी करने से रोक लगा दी थी, जिससे सरकारी कागजों में वह छह साल तक जीवित दर्ज रहा।

हाईकोर्ट के नोटिस पर हरकत में आया महकमा

विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और डीएम कार्यालय के चक्कर काटने के बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की। अदालत से नोटिस जारी होने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. हरिदत्त नेमी ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर पंचायतनामा व पुराने रिकॉर्ड खंगाले। विसंगति दूर होने के बाद सही नाम के साथ जारी प्रमाणपत्र को अधिकारियों ने हाईकोर्ट के समक्ष पेश कर दिया है।

पत्नी ऋचा बोलीं- ‘6 साल तक दाने-दाने को तरसे, अब होगी वरासत’

प्रमाण पत्र मिलने के बाद ऋचा दुबे ने 1 मिनट 53 सेकंड का वीडियो जारी कर अपना दर्द बयां किया:

क्या था बिकरू कांड और एनकाउंटर?

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