भोपाल से बन रहे थे बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट! STF की जांच में बड़ा खुलासा, एजेंट नसीम अख्तर गिरफ्तार

भोपाल से नागपुर तक जुड़ा संदिग्ध पासपोर्ट नेटवर्क, STF की जांच में 10 पासपोर्ट और 20 हजार रुपये का कनेक्शन सामने आया

भोपाल/ग्वालियर। मध्य प्रदेश में संदिग्ध तरीके से पासपोर्ट तैयार कराने के मामले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक और अहम जानकारी मिली है। जांच के दौरान सामने आया है कि नागपुर में रह रहे कुछ बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट भी भोपाल से तैयार कराए गए थे। इस मामले में STF ने भोपाल के पासपोर्ट एजेंट नसीम अख्तर को गिरफ्तार किया है।

 

STF के मुताबिक, नसीम एमपी नगर इलाके में टूर एंड ट्रैवल्स का काम करता था और बाद में पासपोर्ट बनवाने के लिए एजेंट के तौर पर काम करने लगा। पूछताछ में उसने भोपाल में सामने आए करीब 70 संदिग्ध पासपोर्ट मामलों में से 10 पासपोर्ट तैयार कराने में अपनी भूमिका होने की जानकारी दी है।

 

नागपुर के बांग्लादेशी नागरिकों तक पहुंची जांच

 

जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2024 में नागपुर में सामने आए संदिग्ध पासपोर्ट प्रकरण की जांच के दौरान नसीम का नाम सामने आया था। आरोप है कि उसने कुछ लोगों के लिए ऐसे दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट आवेदन कराए, जिनकी सत्यता पर जांच एजेंसियों को संदेह है।

 

STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि भोपाल से तैयार हुए ऐसे पासपोर्टों की संख्या कितनी है और इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

 

20 हजार रुपये में पासपोर्ट बनवाने का दावा

 

पूछताछ के दौरान नसीम ने कथित तौर पर बताया कि एक पासपोर्ट बनवाने के लिए करीब 20 हजार रुपये लिए जाते थे। STF इस बात की भी जांच कर रही है कि पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया में किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की मिलीभगत थी या नहीं।

 

जांच एजेंसी के अनुसार, नसीम ने पासपोर्ट सेवा केंद्र के एक कर्मचारी के माध्यम से पासपोर्ट बनवाने की बात भी बताई है। इस कड़ी की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है।

 

बौद्ध भिक्षु बनकर मठों में रहने का भी सामने आया एंगल

 

STF की जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। एजेंसी के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े कुछ संदिग्ध लोग कथित तौर पर बौद्ध भिक्षु का रूप धारण कर मठों में रहते थे। वहां से पते और पहचान से जुड़े दस्तावेज हासिल करने के बाद उनका इस्तेमाल पासपोर्ट बनवाने में किए जाने की आशंका है।

 

जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि इस तरीके से कितने लोगों ने दस्तावेज हासिल किए और उनका इस्तेमाल किन-किन स्थानों पर किया गया।

 

कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की आशंका

 

STF को संदेह है कि संदिग्ध पासपोर्ट तैयार कराने का यह नेटवर्क केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं हो सकता। जांच का दायरा दूसरे राज्यों तक भी बढ़ाया जा रहा है। असम और पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

 

जांच में कुछ पासपोर्ट धारकों के थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया और इंडोनेशिया जाने की जानकारी भी सामने आने की बात कही गई है। अब एजेंसी इन यात्राओं और पासपोर्ट तैयार कराने के तरीके के बीच किसी संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।

 

भोपाल और ग्वालियर में भी जांच तेज

 

STF की जांच अब भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र तक पहुंच गई है, जहां एक कैफे संचालक से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं ग्वालियर के डबरा में एक कैफे संचालक की भी तलाश की जा रही है।

 

जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध दस्तावेज तैयार करने, ऑनलाइन आवेदन भरने और पासपोर्ट प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

 

STF कर रही नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश

 

इस पूरे मामले में STF अब गिरफ्तार एजेंट नसीम अख्तर से मिली जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि संदिग्ध पासपोर्ट किन परिस्थितियों में जारी हुए और इनका इस्तेमाल भारत तथा विदेश यात्रा के लिए किस तरह किया गया।

 

STF अधिकारियों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है।

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