नारको-टेरर फंडिंग पर ED का बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक: J&K और पंजाब में LoC के पास 9 ठिकानों पर छापेमारी, हिजबुल नेटवर्क का पर्दाफाश
नारको-टेरर फंडिंग पर ED का बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक: J&K और पंजाब में LoC के पास 9 ठिकानों पर छापेमारी, हिजबुल नेटवर्क का पर्दाफाश
नारको-टेरर फंडिंग पर ED का बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक: J&K और पंजाब में LoC के पास 9 ठिकानों पर छापेमारी, हिजबुल नेटवर्क का पर्दाफाश
नारको-टेरर फंडिंग पर ED का बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक: J&K और पंजाब में LoC के पास 9 ठिकानों पर छापेमारी, हिजबुल नेटवर्क का पर्दाफाश
श्रीनगर/जम्मू: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जम्मू सब-जोनल ऑफिस ने पाकिस्तान समर्थित नारको-टेरर फंडिंग (Narco-Terror Funding) और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी की टीमों ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत पंजाब और जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के निकट अमरोही बॉर्डर से सटे 9 संवेदनशील ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
जांच के दौरान आतंकी संगठन ‘हिजबुल मुजाहिदीन’ (Hizbul Mujahideen) से जुड़े एक बेहद खतरनाक और संगठित नारको-टेरर सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है।
ईडी और पुलिस (J&K पुलिस और पंजाब पुलिस) की संयुक्त जांच से पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के आकाओं द्वारा एलओसी पार से हेरोइन की तस्करी भारत में कराई जाती थी:
ट्रक के टायरों में कैविटी: पाकिस्तान से आई हेरोइन की खेप को बेहद चालाकी से ट्रक के टायरों और वाहनों के गुप्त खानों (Cavities) में छिपाकर श्रीनगर पहुंचाया जाता था।
31 किलो हेरोइन जब्त: सितंबर 2023 में बनिहाल के पास पंजाब के कोरियर सरबजीत सिंह और हनी बसरा को पकड़ा गया था, जिनके पास से ट्रक के टायर में छिपाए गए 31 किलोग्राम वजन वाले 30 पैकेट हेरोइन बरामद हुए थे।
पंजाब से कश्मीर तक फैला था यह कई परतों वाला नेटवर्क
इस नारको-टेरर नेटवर्क में दोनों राज्यों के बड़े ऑपरेटिव शामिल थे: नारको-टेरर फंडिंग पर ED का बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक: J&K और पंजाब में LoC के पास 9 ठिकानों पर छापेमारी, हिजबुल नेटवर्क का पर्दाफाश
कश्मीर (कुपवाड़ा/LoC ऑपरेटिव): सफीर अहमद और कफील अहमद जैसे स्थानीय हैंडलर पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन को रिसीव करते थे।
पंजाब नेटवर्क: सतनाम सिंह और उसका बेटा मंजीत सिंह उर्फ मान इस पूरे नेटवर्क के पंजाब साइड को ऑपरेट करते थे।
फर्जी कागजात और कैश डिपॉजिट: इस सिंडिकेट ने कई गाड़ियाँ, नकली आरसी/दस्तावेज और भारी मात्रा में नकद बैंक डिपॉजिट (Banking Transactions) का सहारा लिया।