Google Ads Trademark Dispute: गूगल को दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा झटका; प्रतिस्पर्धी कंपनियों को ‘ट्रेडमार्क कीवर्ड’ बेचने पर रोक, लगा ₹30 लाख का जुर्माना, हिंदवेयर की बड़ी जीत

Google Ads Trademark Dispute: गूगल को दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा झटका; प्रतिस्पर्धी कंपनियों को 'ट्रेडमार्क कीवर्ड' बेचने पर रोक, लगा ₹30 लाख का जुर्माना, हिंदवेयर की बड़ी जीत

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सर्च इंजन दिग्गज गूगल (Google) को उसके विज्ञापन प्लेटफॉर्म (Google Ads) को लेकर एक बेहद बड़ा और नजीर बनने वाला झटका दिया है। अदालत ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि गूगल मुनाफे के चक्कर में अपने प्लेटफॉर्म पर किसी एक कंपनी के पंजीकृत (Registered) ट्रेडमार्क का इस्तेमाल, उसकी किसी विरोधी या प्रतिस्पर्धी कंपनी के विज्ञापनों को चमकाने या बढ़ावा देने के लिए नहीं कर सकता।

ट्रेडमार्क के इस डिजिटल दुरुपयोग को रोकने के साथ ही अदालत ने गूगल पर 30 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी ठोंका है। इस फैसले से देश के मशहूर सैनिटरीवेयर ब्रांड ‘हिंदवेयर’ (Hindware) को एक दशक से भी ज्यादा समय बाद बड़ी कानूनी राहत मिली है।

 ‘की-वर्ड’ का वो खेल, जिससे ग्राहकों को भटकाया जाता था

यह पूरा विवाद साल 2013 में शुरू हुआ था, जब सैनिटरीवेयर ब्रांड हिंदवेयर को गूगल सर्च इंजन पर एक अजीब खेल का पता चला:

 ‘गूगल सिर्फ एक डाकिया या मध्यस्थ नहीं’— हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

जस्टिस मिनी पुष्कर्णा की एकल पीठ ने मामले की गहन सुनवाई के बाद गूगल के उस सबसे बड़े दावे की धज्जियां उड़ा दीं, जिसमें वह खुद को सिर्फ एक ‘प्लेटफॉर्म’ बताता है:

गूगल की ‘बैकएंड’ वाली दलील कोर्ट ने की खारिज

अदालत में सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प खुलासा यह हुआ कि साल 2009 से पहले गूगल अपनी नीतियों के तहत किसी ब्रांड के ट्रेडमार्क को इस तरह की-वर्ड के रूप में बेचने की अनुमति नहीं देता था, लेकिन 2009 के बाद उसने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए नीतियों में बदलाव कर दिया।

 डिजिटल विज्ञापन की दुनिया पर इस फैसले का असर

कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली हाई कोर्ट का यह फैसला भारत के डिजिटल एडवर्टाइजिंग मार्केट (Digital Advertising Market) के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगा:

  1. ब्रांड्स को सुरक्षा: अब कोई भी कंपनी शॉर्टकट अपनाने और प्रतिद्वंद्वी के नाम का सहारा लेकर गूगल पर अपने विज्ञापन सबसे ऊपर नहीं चमका पाएगी।
  2. गूगल की मनमानी पर लगाम: गूगल एडवर्ड्स के जरिए होने वाली कीवर्ड्स की इस तरह की बोलियों (Bidding) पर अब सख्त कानूनी लगाम लगेगी।
  3. उपभोक्ताओं का फायदा: इंटरनेट यूज़र्स भ्रमित होने से बचेंगे; वे जो ब्रांड सर्च करेंगे, उन्हें स्क्रीन पर सबसे पहले उसी ब्रांड का प्रामाणिक लिंक दिखाई देगा।
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