पैरों में बार-बार सूजन को न करें नजरअंदाज-किडनी, हार्ट या लिवर से जुड़ी बीमारी का हो सकता है संकेत
हेल्थ डेस्क: दिनभर खड़े रहने, लंबे समय तक डेस्क जॉब करने या ज्यादा पैदल चलने की वजह से अक्सर लोगों के पैरों में सूजन की समस्या हो जाती है। आमतौर पर थोड़ा आराम करने के बाद यह सूजन अपने आप ठीक भी हो जाती है, लेकिन अगर आपके पैरों में बार-बार सूजन आ रही है या यह लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें।
ज्यादा नमक का सेवन, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहना या गर्भावस्था (Pregnancy) जैसे सामान्य कारणों के अलावा, पैरों की सूजन गंभीर बीमारियों का लक्षण भी हो सकती है।
बार-बार पैरों में सूजन किन गंभीर बीमारियों का है संकेत?
स्वास्थ्य वेबसाइट MedlinePlus के अनुसार, पैरों में बार-बार सूजन आना शरीर के मुख्य अंगों में खराबी का इशारा हो सकता है:
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हार्ट फेलियर (Heart Failure): जब दिल शरीर में सही तरीके से खून पंप नहीं कर पाता, तो तरल पदार्थ (फ्लूइड) पैरों और टखनों में जमा होने लगता है।
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किडनी की बीमारी (Kidney Disease): किडनी जब शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक को बाहर नहीं निकाल पाती, तो पैरों में सूजन आने लगती है।
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लिवर की बीमारी (Liver Disease): लिवर में समस्या होने पर शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाती है, जिससे तरल पदार्थ संतुलन बिगड़ता है और पैरों में सूजन आ जाती है।
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वेनस इनसफिशिएंसी (Venous Insufficiency): नसों की इस कमजोरी के कारण पैरों की नसें खून को वापस दिल तक सही से नहीं पहुँचा पातीं।
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ब्लड क्लॉट (Deep Vein Thrombosis): पैर की नस में खून का थक्का जमने पर केवल एक पैर में अचानक तेज सूजन, दर्द और भारीपन महसूस होता है। यह एक इमरजेंसी स्थिति है।
कारण जानने के लिए डॉक्टर कौन-सी जांच करा सकते हैं?
डॉक्टर मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर निम्नलिखित जांचों की सलाह दे सकते हैं:
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ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट (लिवर और किडनी फंक्शन जानने के लिए)
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ECG और इकोकार्डियोग्राफी (हार्ट की सेहत जांचने के लिए)
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पैरों का नसों का अल्ट्रासाउंड (Doppler Ultrasound) (ब्लड क्लॉट या नसों के प्रवाह को देखने के लिए) पैरों में बार-बार सूजन को न करें नजरअंदाज-किडनी, हार्ट या लिवर से जुड़ी बीमारी का हो सकता है संकेत
पैरों की हल्की सूजन दूर करने के आसान उपाय
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पैरों को ऊपर उठाएं: बैठते या सोते समय पैरों के नीचे तकिया रखकर उन्हें थोड़ा ऊंचा रखें।
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सक्रिय रहें: लंबे समय तक एक ही जगह बैठे या खड़े रहने से बचें; बीच-बीच में वॉक करते रहें।
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नमक कम खाएं: खाने में जरूरत से ज्यादा नमक लेने से परहेज करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
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डॉक्टर से परामर्श: अगर सूजन के साथ सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या पैर में लालपन और तेज दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
