What Makes Shani Dev Angry: भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां, वरना रुष्ट हो सकते हैं शनिदेव; जानें शनिवार शाम के अचूक उपाय
कटनी/भोपाल। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित माना गया है। शनि देव को ‘कर्म फलदाता’ कहा जाता है, जो हर व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, जाने-अनजाने में की गई कुछ गलतियां और बुरी आदतें शनि देव को क्रोधित कर सकती हैं, जिससे व्यक्ति को जीवन में कई तरह के कष्टों और समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आइए जानते हैं कि किन कामों से शनि देव नाराज होते हैं और शनिवार शाम को कौन से उपाय करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है।
इन 6 आदतों और गलतियों से नाराज होते हैं शनि देव
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बड़ों और गुरुओं का अनादर: अपने माता-पिता, बुजुर्गों, शिक्षकों या गुरुओं का अपमान करने वालों से शनि देव अत्यधिक क्रोधित होते हैं।
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कमजोर और गरीबों का शोषण: मजदूरों, सफाई कर्मचारियों, गरीबों या असहाय लोगों को सताना और उनकी मेहनत का हक मारना शनि की बुरी दृष्टि को न्योता देता है।
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छल-कपट और बेईमानी: दूसरों को धोखा देना, चोरी करना, या मन में ईर्ष्या-द्वेष की भावना रखना शनिदेव को सख्त नापसंद है।
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कर्म से जी चुराना: आलस करना, अपनी जिम्मेदारियों से भागना और मेहनत न करना शनि देव के प्रकोप का कारण बनता है।
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अहंकार और दिखावा: धन, पद या ज्ञान का घमंड करना और दूसरों को नीचा दिखाना भी शनि देव को रुष्ट करता है।
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अनैतिक व बुरी आदतें: शराब, जुआ, नशा और किसी भी प्रकार के अनैतिक कार्यों में संलिप्त रहने वालों पर शनि देव का प्रकोप पड़ता है।
शनिवार की शाम करें ये अचूक उपाय (मिलेगी शनि कृपा)
शनि देव के प्रकोप को शांत करने और उनकी शुभ दृष्टि प्राप्त करने के लिए शनिवार की शाम को ये उपाय बेहद प्रभावी माने जाते हैं:
शनिवार शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 3 या 7 बार परिक्रमा करें। शाम के समय हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें और लोगों में प्रसाद बांटें।शनिवार शाम को गुड़, काले तिल, काले उड़द, या लोहे की वस्तुओं का दान करें। इसके अलावा, सरसों के तेल में अपना चेहरा देखकर ‘छाया दान’ करना भी बहुत शुभ माना जाता है। शनिवार की रात को काले कुत्ते को सरसों का तेल लगी रोटी खिलाएं।
शनि देव केवल आपके कर्मों का हिसाब रखते हैं। यदि आपका आचरण शुद्ध है, आप गरीबों की मदद करते हैं और अपने कर्मों के प्रति ईमानदार हैं, तो शनि देव की कृपा हमेशा बनी रहती है। हस्तरेखा शास्त्र: अंगूठे पर बने ये 3 शुभ चिह्न बनाते हैं धनवान और मजबूत, जानें इनका महत्व
