रक्षाबंधन 2026: बिना सिर ढके राखी बंधवाना क्यों माना जाता है वर्जित? जानें 3 गांठों का रहस्य और पूजा की सही विधि
रक्षाबंधन 2026: जानें राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त और 7 महत्वपूर्ण नियम
रक्षाबंधन 2026: बिना सिर ढके राखी बंधवाना क्यों माना जाता है वर्जित? जानें 3 गांठों का रहस्य और पूजा की सही विधि
28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, स्नेह और अटूट विश्वास का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षाबंधन की पूजा और राखी बांधने का कार्य यदि सही विधि और शुभ मुहूर्त में किया जाए, तो भाई-बहन के रिश्ते में मजबूती आती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
रक्षाबंधन 2026: राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
तारीख: 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार)
शुभ मुहूर्त: सुबह 05:57 बजे से सुबह 09:48 बजे तक (इस समय अवधि में राखी बांधना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।)
राखी बांधने के 7 महत्वपूर्ण नियम
सही दिशा का चुनाव: राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। बहन को पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके बैठना शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि भाई का मुख कभी भी दक्षिण दिशा की ओर न हो।
सिर ढंकना आवश्यक: राखी बंधवाते समय भाई को अपना सिर खाली नहीं रखना चाहिए; सिर पर रुमाल या कपड़ा अवश्य रखें।
अक्षत और तिलक: बहन को सबसे पहले भाई के माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाना चाहिए। (अक्षत यानी चावल टूटे हुए न हों)।
दाहिने हाथ की कलाई: राखी हमेशा भाई की दाहिनी (राइट) कलाई पर ही बांधी जानी चाहिए।
तीन गांठें बांधना: राखी बांधते समय रेशम के डोरे में तीन गांठें लगाना शास्त्र सम्मत और शुभ माना जाता है।
मीठा खिलाना और आरती: राखी बांधने के बाद बहन को भाई का मुंह मीठा कराना चाहिए और उसकी आरती उतारकर लंबी उम्र की कामना करनी चाहिए।
उपहार और आशीर्वाद: भाई को अपनी बहन को सामर्थ्य अनुसार उपहार देना चाहिए और बड़ी बहन के चरण छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए।रक्षाबंधन 2026: बिना सिर ढके राखी बंधवाना क्यों माना जाता है वर्जित? जानें 3 गांठों का रहस्य और पूजा की सही विधि