एयर फ्रायर खरीदें या नहीं? जानिए डॉक्टर अंशुमान कौशल की सलाह, फायदे-नुकसान और सही इस्तेमाल
Air Fryer & Cancer Myth: क्या एयर फ्रायर में बना खाना खाने से होता है कैंसर? मशहूर डॉक्टर ने यूट्यूब पर खोला राज; जानें इसके पीछे का पूरा सच
एयर फ्रायर खरीदें या नहीं? जानिए डॉक्टर अंशुमान कौशल की सलाह, फायदे-नुकसान और सही इस्तेमाल
आजकल सेहत को लेकर जागरूक लोग एयर फ्रायर का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई भ्रम भी फैलाए जाते हैं। एयर फ्रायर वास्तव में कैसे काम करता है, किसे इसे खरीदना चाहिए और किसे नहीं, इस पर प्रसिद्ध डॉक्टर अंशुमान कौशल ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं।
कैसे काम करता है एयर फ्रायर?
डॉक्टर कौशल के अनुसार, एयर फ्रायर एक कॉम्पेक्ट हाई-स्पीड कन्वेक्शन अवन है।
इसमें एक हीटिंग कॉइल और एक पावरफुल फैन होता है, जो गरम हवा को 200°C तक लगातार खाने के चारों ओर घुमाता है।
हाई हीट पर ‘मेलार्ड रिएक्शन’ (Maillard Reaction) होता है, जिससे खाने में क्रिस्पनेस और स्वाद आता है।
सावधानी: आलू जैसे स्टार्ची फूड्स में ज्यादा पकाने पर ‘एक्रिलामाइड’ (Acrylamide) बन सकता है, इसलिए ओवर-कुकिंग से बचना जरूरी है।
2-4 लोगों का परिवार: 4 से 6 लीटर क्षमता वाला एयर फ्रायर काफी है।
बड़ी फैमिली: 6 से 8 लीटर का विकल्प चुनें।
जरूरी फीचर्स: 200°C तक टेम्परेचर कंट्रोल और डिशवॉशर-सेफ बास्केट होनी चाहिए।
इस्तेमाल करते वक्त न करें ये गलतियां
बास्केट में बहुत ज्यादा या बिल्कुल ही तेल न डालना।
गीले बैटर से पकोड़े बनाने की कोशिश करना।
कुकिंग के दौरान बार-बार बास्केट खोलना।
यूजर मैनुअल की हिदायतों को अनदेखा करना।
निष्कर्ष: यदि आपका मकसद कम तेल में खाना बनाना, समय बचाना और सेहत सुधारना है तो एयर फ्रायर एक बेहतरीन विकल्प है। लेकिन केवल तली-भुनी पारंपरिक मिठाइयों या पकोड़ों के विकल्प के रूप में इसे न खरीदें।