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विदाई की तैयारी के बीच हाथ में लग गई हथकड़ी-रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले 6 हजार की रिश्वत लेते धराया EE

विदाई की तैयारी के बीच हाथ में लग गई हथकड़ी-रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले 6 हजार की रिश्वत लेते धराया EE

विदाई की तैयारी के बीच हाथ में लग गई हथकड़ी-रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले 6 हजार की रिश्वत लेते धराया EE

विदाई की तैयारी के बीच हाथ में लग गई हथकड़ी-रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले 6 हजार की रिश्वत लेते धराया EE

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर नगर निगम से भ्रष्टाचार का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। एक दिन बाद जिस अधिकारी की सेवानिवृत्ति की विदाई पार्टी होनी थी, जिसके सहकर्मी उपहार और जलसे की तैयारियों में जुटे थे और जिसे ग्रेच्युटी-फंड के करीब 60 लाख रुपये मिलने वाले थे—वह अधिकारी रिटायरमेंट से ठीक 24 घंटे पहले महज 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त की गिरफ्त में आ गया।

यह कार्रवाई ग्वालियर नगर निगम में जनकार्य विभाग में पदस्थ कार्यपालन यंत्री (EE) सुशील कटारे के खिलाफ की गई है, जिनका मासिक वेतन ही करीब 1.5 लाख रुपये है।

 ₹36 लाख के बिल पास करने के लिए मांगा था 1% कमीशन

मामले की पूरी कहानी एक ठेकेदार की शिकायत से शुरू हुई:

 मंत्री के संरक्षण का दबदबा और स्टाफ में रंजिश

बताया जा रहा है कि एक प्रभावशाली मंत्री के करीबी होने के कारण नगर निगम में सुशील कटारे का खासा दबदबा रहता था। इसी प्रभाव और कार्यशैली के चलते निगम के ही अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों से उनकी पुरानी रंजिश भी थी। विदाई की तैयारी के बीच हाथ में लग गई हथकड़ी-रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले 6 हजार की रिश्वत लेते धराया EE

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लोकायुक्त की इस अचानक कार्रवाई से जहां एक तरफ कार्यालय का स्टाफ स्तब्ध रह गया, वहीं दूसरी ओर उनकी विदाई के लिए की जा रही तैयारियां धरी की धरी रह गईं।

“भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह मामला बताता है” – लोकायुक्त एसपी

लोकायुक्त ग्वालियर के एसपी निरंजन शर्मा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा:

“हमें जनकार्य विभाग में लंबित बिलों के भुगतान के बदले कमीशन मांगने की पुख्ता शिकायत मिली थी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से टीम गठित कर 6 हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। रिटायरमेंट के अंतिम दिन भी किसी अधिकारी का रिश्वत लेना यह दर्शाता है कि प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहराई तक फैली हुई हैं।” 

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