Telecom News Alert: अब नहीं थोपा जाएगा महंगा डेटा, ₹300 वाला 84 दिनों का प्लान मिलेगा मात्र ₹150 में
Telecom News Alert: अब नहीं थोपा जाएगा महंगा डेटा, ₹300 वाला 84 दिनों का प्लान मिलेगा मात्र ₹150 में
Telecom News Alert: अब नहीं थोपा जाएगा महंगा डेटा, ₹300 वाला 84 दिनों का प्लान मिलेगा मात्र ₹150 में
Telecom News Alert: अब नहीं थोपा जाएगा महंगा डेटा, ₹300 वाला 84 दिनों का प्लान मिलेगा मात्र ₹150 में
नई दिल्ली: देश में लगातार बढ़ते मोबाइल रिचार्ज के दामों से परेशान करोड़ों टेलीकॉम उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। आने वाले दिनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान्स 50 से 70 प्रतिशत तक सस्ते हो सकते हैं।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने ‘दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026’ का नया मसौदा (Draft) तैयार किया है। इसके तहत टेलीकॉम कंपनियों (Jio, Airtel, Vi) को डेटा-रहित केवल ‘वॉयस कॉलिंग और SMS’ वाले अलग-अलग समय-सीमा के प्लान पेश करने के सख्त निर्देश दिए जा सकते हैं।
₹300 वाला प्लान अब ₹150 में! जानिए कैसे होगा फायदा
मौजूदा समय में किसी भी रिचार्ज प्लान का 50 से 70 फीसदी खर्च केवल इंटरनेट डेटा का होता है। अगर कोई उपभोक्ता डेटा नहीं लेता है, तो उसकी लागत आधी से भी कम हो जाएगी:
सस्ता विकल्प: उदाहरण के तौर पर, 84 दिनों की वैलिडिटी वाला जो कॉलिंग + डेटा प्लान फिलहाल ₹300 के आसपास आता है, बिना डेटा वाला वही प्लान मात्र ₹150 में मिल सकेगा।
विभिन्न वैलिडिटी ऑप्शंस: TRAI के ड्राफ्ट के अनुसार कंपनियों को 7, 28, 56 और 84 दिनों की अलग-अलग समय-सीमा वाले केवल ‘वॉयस और SMS’ प्लान बाजार में उतारने होंगे। Telecom News Alert: अब नहीं थोपा जाएगा महंगा डेटा, ₹300 वाला 84 दिनों का प्लान मिलेगा मात्र ₹150 में
वाई-फाई और कीपैड फोन यूजर्स की होगी बल्ले-बल्ले
इस नियम से सबसे ज्यादा लाभ दो वर्गों को मिलेगा:
ब्रॉडबैंड / वाई-फाई यूजर्स: ऐसे लोग जो घरों या दफ्तरों में वाई-फाई का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें जबरन मोबाइल डेटा रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कीपैड फोन यूजर्स: फीचर फोन या कीपैड फोन चलाने वाले बुजुर्गों व आम लोगों को केवल कॉलिंग वाले सस्ते प्लान का सीधा लाभ मिलेगा।
TRAI ने फिलहाल इस मसौदे पर सभी टेलीकॉम कंपनियों और हितधारकों से राय मांगी है। सर्वसम्मति बनने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यद्यपि प्लान्स की अंतिम कीमतें कंपनियां ही तय करेंगी, लेकिन इस कदम से बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को मनचाहा विकल्प चुनने की आजादी मिलेगी।