भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख: ‘रोजाना सुनवाई कर केस सुलझाने को तैयार’; दोनों पक्षों से धैर्य रखने की अपील
भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख: 'रोजाना सुनवाई कर केस सुलझाने को तैयार'; दोनों पक्षों से धैर्य रखने की अपील
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भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख: ‘रोजाना सुनवाई कर केस सुलझाने को तैयार’; दोनों पक्षों से धैर्य रखने की अपील
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला परिसर (Bhojshala Controversy) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने इस विषय को अत्यधिक संवेदनशील बताते हुए कहा कि वह इस मामले की रोजाना (डेली बेसिस पर) सुनवाई करने और इसे हमेशा के लिए सुलझाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही अदालत ने हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
सुप्रीम कोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस पिछले आदेश को चुनौती देने वाली कई अपीलों पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें धार जिले के इस विवादित भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर बताया गया था।
‘हर शब्द को लेकर बहुत सावधान रहना होगा’ – सुप्रीम कोर्ट
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की विशेष बेंच ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से सख्त हिदायत दी कि इस केस से जुड़ा कोई भी पक्ष या व्यक्ति गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी न करे। भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख: ‘रोजाना सुनवाई कर केस सुलझाने को तैयार’; दोनों पक्षों से धैर्य रखने की अपील
जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ (बेंच) ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“ये बहुत संवेदनशील मामले हैं। इसलिए (सुनवाई और बहस के दौरान) इस्तेमाल किए जाने वाले हर एक शब्द को लेकर बहुत ज्यादा सावधान रहना होगा। कोर्ट रूम के भीतर या बाहर जो कुछ भी कहा जा रहा है, उससे बेवजह कोई नया विवाद पैदा हो सकता है या समाज में कोई गलत संदेश जा सकता है।”
क्या है भोजशाला विवाद?
धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं:
हिंदू पक्ष का दावा: हिंदू पक्ष का मानना है कि यह सदियों पुराना परिसर वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर है, जिसे राजा भोज ने निर्मित कराया था।
मुस्लिम पक्ष का दावा: दूसरी तरफ, मुस्लिम समुदाय इसे ‘कमल मौला मस्जिद’ के रूप में देखता है।
हाई कोर्ट का आदेश: इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस विवादित परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर माना था, जिसके फैसले के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं। भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख: ‘रोजाना सुनवाई कर केस सुलझाने को तैयार’; दोनों पक्षों से धैर्य रखने की अपील
सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि वह सभी अपीलों पर कानूनी और संवैधानिक दायरे में रहकर त्वरित सुनवाई करेगा ताकि इस संवेदनशील और दशकों पुराने धार्मिक-ऐतिहासिक विवाद का एक स्थाई और शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।