कलबुर्गी सेंट्रल जेल ब्रेक: फिल्मी अंदाज में दीवार लांघकर भागे 3 खूंखार कैदी; एनकाउंटर के बाद एक गिरफ्तार, 8 जेल अधिकारी सस्पेंड

कलबुर्गी जेल ब्रेक अपडेट: मुख्य सड़कों को छोड़ खेतों के रास्ते भागे थे कैदी; मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर, बाकी 2 की तलाश तेज

कलबुर्गी सेंट्रल जेल ब्रेक: फिल्मी अंदाज में दीवार लांघकर भागे 3 खूंखार कैदी; एनकाउंटर के बाद एक गिरफ्तार, 8 जेल अधिकारी सस्पेंड

कलबुर्गी/बीदर: कर्नाटक के कलबुर्गी सेंट्रल जेल से तीन खूंखार कैदियों के फरार होने के सनसनीखेज मामले में आज (15 जुलाई) पुलिस की जांच और धरपकड़ अभियान में कई बड़े खुलासे हुए हैं। बीदर के हुमनाबाद रिंग रोड के पास कल हुए एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किए गए कैदी संतोष बसप्पा से पूछताछ में फरार कैदियों के रूट और प्लानिंग की पूरी इनसाइड स्टोरी सामने आ गई है।

खेतों के रास्ते तय किया सफर; पुलिस को चकमा देने की थी रणनीति

पुलिस कमिश्नर एस.डी. शरणप्पा और जांच टीमों द्वारा सांझा की गई जानकारी के अनुसार, फरार कैदियों ने पुलिस नाकेबंदी से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था जेल की 20 फीट ऊंची दीवार लांघने के बाद तीनों कैदियों ने हाईवे या मुख्य पक्की सड़कों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया। वे कलबुर्गी से आगे ग्रामीण इलाकों के कृषि खेतों और फसलों के बीच से होकर आगे बढ़े।: पकड़े जाने के डर से शुरुआत में वे एक साथ चले, लेकिन बाद में पुलिस को गुमराह करने के लिए दो अलग-अलग टोलियों (पेयर्स) में बंट गए। कलबुर्गी सेंट्रल जेल ब्रेक: फिल्मी अंदाज में दीवार लांघकर भागे 3 खूंखार कैदी; एनकाउंटर के बाद एक गिरफ्तार, 8 जेल अधिकारी सस्पेंड

आशुतोष शुक्ला बने भाजपा जिला मीडिया प्रभारी, मयंक गुप्ता सह प्रभारी

एनकाउंटर में घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति, संतोष अस्पताल में भर्ती

हुमनाबाद इंडस्ट्रियल एरिया में कल तड़के हुई मुठभेड़ के बाद का ताजा अपडेट यह है:

कलबुर्गी जेल में नए अधीक्षक ने संभाला चार्ज; सुरक्षा का नया खाका तैयार

इस भारी सुरक्षा चूक के बाद राज्य के गृह विभाग और एडीजीपी (जेल) आलोक कुमार के कड़े रुख का असर देखने को मिला है सस्पेंड किए गए राकेश कांबले की जगह नए जेल अधीक्षक कृष्णकुमार ने आधिकारिक तौर पर कलबुर्गी सेंट्रल जेल का प्रभार संभाल लिया है। बेलगावी के डीआईजी (जेल) एम. सोमशेखर ने जेल परिसर का बारीकी से निरीक्षण कर उन सुरक्षा खामियों की पहचान की है, जिसका फायदा उठाकर टॉयलेट की खिड़की काटी गई थी. जेल के अंदर चल रहे कंस्ट्रक्शन साइट की सामग्री (सीढ़ी, औजार) को हर शिफ्ट के बाद लॉक करने और बिजली की बाड़ों (Electrified Fence) का वोल्टेज ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं।

 बाकी दो कैदियों (मस्तान और सागर) की तलाश में 3 जिलों की नाकेबंदी

पुलिस ने मस्तान (पॉक्सो दोषी) और सागर भीमराया (हत्या का दोषी) को दबोचने के लिए एक संयुक्त इंटर-डिस्ट्रिक्ट ऑपरेशन शुरू किया है:

सर्च ऑपरेशन: कलबुर्गी सिटी पुलिस, उत्तर-पूर्वी रेंज डीआईजी कार्यालय, और बीदर, कलबुर्गी व यादगीर जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) की टीमें लगातार महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमा से सटे जंगलों और ग्रामीण ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि संतोष से मिले इनपुट के आधार पर जल्द ही बाकी दोनों भी गिरफ्त में होंगे।

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