मप्र लोक सेवा गारंटी कानून में बड़ा बदलाव: समय पर काम नहीं हुआ तो अब ‘स्वतः’ दर्ज होगी अपील; सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति
मप्र लोक सेवा गारंटी कानून में बड़ा बदलाव: समय पर काम नहीं हुआ तो अब 'स्वतः' दर्ज होगी अपील; सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति
मप्र लोक सेवा गारंटी कानून में बड़ा बदलाव: समय पर काम नहीं हुआ तो अब ‘स्वतः’ दर्ज होगी अपील; सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति
कटनी: मध्य प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों की लेटलतीफी और बाबुओं के चक्कर काटने से बचाने के लिए ‘लोक सेवा गारंटी अधिनियम’ (Public Services Guarantee Act) में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब यदि किसी नागरिक का काम तय समय-सीमा में नहीं होता है, तो उसे अपील करने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उसका आवेदन अपने आप (स्वतः/Auto) प्रथम और द्वितीय अपील में दर्ज हो जाएगा।
कैसे काम करेगी यह नई ‘ऑटो-अपील’ व्यवस्था?
इस नए और पारदर्शी नियम के तहत पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमेटेड (Automated) बना दिया गया है: मप्र लोक सेवा गारंटी कानून में बड़ा बदलाव: समय पर काम नहीं हुआ तो अब ‘स्वतः’ दर्ज होगी अपील; सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति
प्रथम अपील (First Appeal): यदि किसी सेवा (Service) के आवेदन का निराकरण विभाग द्वारा तय समय-सीमा के भीतर नहीं किया जाता है, तो समय-सीमा समाप्त होने के 15 दिन बाद वह आवेदन स्वतः ही प्रथम अपील अधिकारी के पास दर्ज हो जाएगा।
द्वितीय अपील (Second Appeal): यदि प्रथम अपील अधिकारी भी तय समय में मामले का निपटारा नहीं करते हैं, तो उसके 15 दिन बाद आवेदन स्वतः ही द्वितीय अपील अधिकारी के पास ट्रांसफर हो जाएगा।
डिजिटल इंटीग्रेशन: इस क्रांतिकारी व्यवस्था को मध्य प्रदेश के e-District पोर्टल पर पूरी तरह सक्रिय और प्रभावी कर दिया गया है।
बदलाव के पीछे का उद्देश्य और बड़े फायदे
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के नियम-8 में किए गए इस संशोधन से आम जनता को कई बड़े फायदे होंगे:
अनावश्यक औपचारिकता से मुक्ति: नागरिकों को अब अपील दर्ज कराने के लिए दोबारा फॉर्म भरने, चक्कर लगाने या किसी कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं होगी।
अधिकारियों की बढ़ेगी जवाबदेही: समय-सीमा में काम न करने वाले अधिकारियों की सीधे तौर पर निगरानी हो सकेगी, जिससे वे फाइलों को अटका नहीं पाएंगे।
पारदर्शी और समयबद्ध समाधान: पेंडिंग पड़े मामलों की ऑनलाइन ट्रैकिंग आसान होगी और वरिष्ठ अधिकारी सीधे तौर पर यह देख सकेंगे कि किस स्तर पर लापरवाही हो रही है।
मध्य प्रदेश सरकार की इस पहल से लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से दी जाने वाली सैकड़ों नागरिक सेवाओं के समयबद्ध निराकरण को एक नई रफ्तार मिलेगी।