भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन की पहली स्पेस यात्रा-सोयुज से ISS के लिए भरी उड़ान, कमान संभालेंगे एयरोस्पेस डॉक्टर

भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन की पहली स्पेस यात्रा-सोयुज से ISS के लिए भरी उड़ान, कमान संभालेंगे एयरोस्पेस डॉक्टर

भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन की पहली स्पेस यात्रा-सोयुज से ISS के लिए भरी उड़ान, कमान संभालेंगे एयरोस्पेस डॉक्टर

बैकोनूर (कजाकिस्तान): अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में भारत का नाम एक बार फिर गर्व से ऊंचा हो गया है। भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन (Anil Menon) अपनी पहली ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा पर सफलतापूर्वक रवाना हो गए हैं। वे रूस के सोयुज MS-29 (Soyuz MS-29) अंतरिक्ष यान में सवार होकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भर चुके हैं। कजाकिस्तान के ऐतिहासिक बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से हुई इस लॉन्चिंग के साथ ही भारत और भारतीय प्रवासियों के लिए अंतरिक्ष अनुसंधान में एक नया अध्याय जुड़ गया है।

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अनिल मेनन अकेले नहीं हैं, बल्कि उनके साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की एक मजबूत टीम स्पेस स्टेशन जा रही है:

हार्वर्ड-स्टैनफोर्ड से पढ़ाई और 1,000 घंटे की उड़ान का अनुभव

अनिल मेनन का सफरनामा बेहद प्रेरणादायक और बहुआयामी प्रतिभा से भरा है:

अफगानिस्तान के युद्धक्षेत्र से लेकर स्पेसएक्स (SpaceX) की उड़ानों तक

डॉ. मेनन का करियर सिर्फ बंद कमरों या अस्पतालों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने हमेशा मोर्चे पर रहकर काम किया है:

 मिल चुके हैं कई प्रतिष्ठित पुरस्कार

उनकी असाधारण सेवाओं और प्रतिभा के लिए उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिनमें शामिल हैं:

  1. स्पेसएक्स किक-ऐस अवार्ड (SpaceX Kick-Ass Award)

  2. नासा JSC ग्रुप अचीवमेंट अवार्ड (NASA JSC Group Achievement Award)

  3. विलियम के. डगलस अवार्ड (William K. Douglas Award) इसके साथ ही अमेरिकी सेना की तरफ से भी उन्हें उनकी वीरता और चिकित्सा सेवाओं के लिए कई मिलिट्री मेडल्स से सम्मानित किया जा चुका है। अब, अंतरिक्ष की असीम गहराइयों में उनका यह नया सफर पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों के लिए मील का पत्थर साबित होने वाला है।

-यशभारत डॉट कॉम

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