लश्कर-ए-तैयबा की नई और खतरनाक रणनीति का खुलासा, भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी अशफाक सिखा रहा है तैराकी, महिलाओं को दी जा रही AI की ट्रेनिंग
नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पड़ोसी देश पाकिस्तान में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले खूंखार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) की एक बेहद नई और खतरनाक रणनीति का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। खुफिया सूत्रों और सामने आए वीडियो-तस्वीरों के अनुसार, भारत की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल आतंकी राणा मोहम्मद अशफाक इन दिनों आतंकवादियों को सिर्फ बंदूक और बारूद की पारंपरिक ट्रेनिंग नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें शारीरिक रूप से ‘कमांडो’ और तकनीकी रूप से ‘साइबर एक्सपर्ट’ बनाने में जुटा हुआ है। लश्कर-ए-तैयबा की नई और खतरनाक रणनीति का खुलासा, भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी अशफाक सिखा रहा है तैराकी, महिलाओं को दी जा रही AI की ट्रेनिंग
‘पॉलिटिकल विंग’ की आड़ में चल रहे हैं जेहादी ट्रेनिंग कैंप
खुफिया सूत्रों के हवाले से ‘यशभारत’ को मिली जानकारी के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा ने पाकिस्तान में अपनी पोलिटिकल विंग ‘पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग’ के बैनर तले एक नया फ्रंट खोल रखा है:
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ब्रेनवॉश के साथ फिजिकल ट्रेनिंग: पाकिस्तान के कई प्रमुख शहरों में युवाओं के लिए विशेष कैंप चलाए जा रहे हैं, जहां केवल धार्मिक और वैचारिक तौर पर युवाओं का ब्रेनवाश नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें आधुनिक युद्ध के लिए तैयार किया जा रहा है।
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पानी के रास्ते घुसपैठ की तैयारी: सामने आई तस्वीरों में मोस्ट वांटेड आतंकी राणा मोहम्मद अशफाक खुद स्विमिंग पूल में उतरकर युवाओं को तैराकी (Swimming) सिखाता दिख रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि यह ट्रेनिंग युवाओं को पानी के रास्ते घुसपैठ करने, जलमार्ग के विशेष अभियानों और कठिन परिस्थितियों से निकलने के लिए दी जा रही है।
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मार्शल आर्ट्स में माहिर: इसके साथ ही युवाओं को जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, कुश्ती और बेहद कठिन शारीरिक व्यायाम (फिजिकल ड्रिल) की प्रैक्टिस कराई जा रही है।
सबसे बड़ा खुलासा: स्किल डेवलपमेंट के नाम पर महिलाओं को AI की ट्रेनिंग
लश्कर की इस नई रणनीति में सबसे चौंकाने वाला और चिंताजनक पहलू यह है कि अब आतंकी संगठन की नजर आधुनिक तकनीक और डिजिटल टूल्स पर टिक गई है:
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल: ‘पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग’ द्वारा अलग-अलग शहरों में स्किल डेवलपमेंट के नाम पर विशेष तकनीकी कैंप चलाए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं को शामिल किया जा रहा है। इन महिलाओं को AI और डिजिटल टूल्स की एडवांस ट्रेनिंग दी जा रही है।
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मुजाहिदों को तकनीकी निर्देश: एक वीडियो में खुद राणा मोहम्मद अशफाक यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, “दुश्मन तकनीक के मामले में काफी आगे निकल चुका है, इसलिए मुजाहिदों को भी अब आधुनिक तकनीक सीखनी होगी।”
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; साइबर और सूचना युद्ध की आशंका
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लश्कर-ए-तैयबा अब पारंपरिक आतंकवाद से आगे बढ़कर तकनीकी, साइबर और सूचना युद्ध (Information Warfare) की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस हाई-टेक और फिजिकल ट्रेनिंग का इस्तेमाल भविष्य में निम्नलिखित गतिविधियों के लिए किया जा सकता है: लश्कर-ए-तैयबा की नई और खतरनाक रणनीति का खुलासा, भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी अशफाक सिखा रहा है तैराकी, महिलाओं को दी जा रही AI की ट्रेनिंग
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जलमार्ग से घुसपैठ: 26/11 जैसे समुद्री रास्तों से हमलों या घुसपैठ की कोशिशों के लिए।
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साइबर हमले: भारत के महत्वपूर्ण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने के लिए।
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डीपफेक और प्रोपेगेंडा: सोशल मीडिया पर AI (Artificial Intelligence) टूल और डीपफेक तकनीक के जरिए बड़े पैमाने पर भारत विरोधी प्रोपेगेंडा और फर्जी नैरेटिव फैलाने के लिए।
यद्यपि इन वीडियो और दावों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है, लेकिन पाकिस्तान में चल रही इस खतरनाक डिजिटल और फिजिकल एक्टिविटी पर भारत की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं और इस बदलती रणनीति का मुकाबला करने के लिए रणनीति तैयार कर रही हैं।
– विशेष ब्यूरो, यशभारत डॉट कॉम
