Friday, May 15, 2026
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भोजशाला पर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय: ASI रिपोर्ट के आधार पर परिसर को माना ‘वाग्देवी मंदिर’, मुस्लिम पक्ष जाएगा सुप्रीम कोर्ट

इंदौर/धार: भोजशाला पर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय: ASI रिपोर्ट के आधार पर परिसर को माना ‘वाग्देवी मंदिर’, मुस्लिम पक्ष जाएगा सुप्रीम कोर्ट। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने धार स्थित विवादित भोजशाला परिसर को लेकर अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने ऐतिहासिक साक्ष्यों और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की विस्तृत वैज्ञानिक रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए भोजशाला को माता सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर घोषित किया है।

ASI रिपोर्ट: फैसले का सबसे बड़ा आधार

कोर्ट के फैसले में 11 मार्च 2024 को आदेशित एएसआई सर्वे की रिपोर्ट सबसे निर्णायक रही।

  • 98 दिनों का सर्वे: एएसआई की टीम ने लगभग 100 दिनों तक परिसर का वैज्ञानिक अध्ययन किया।

  • मंदिर के अवशेष: 2000 से अधिक पन्नों की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान संरचना का निर्माण परमार काल (11वीं सदी) के एक विशाल मंदिर के अवशेषों पर किया गया है। संरचना के स्तंभों और दीवारों पर मिले पुरातात्विक चिन्ह मंदिर होने की पुष्टि करते हैं।

मुस्लिम पक्ष का रुख: सुप्रीम कोर्ट में अपील की तैयारी

फैसले के बाद धार के शहर काजी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे हाई कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे संतुष्ट नहीं हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद द्वारा पक्ष रखने के बावजूद अब मुस्लिम पक्ष इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर करने की योजना बना रहा है। उन्हें उम्मीद है कि देश की शीर्ष अदालत उनके दावों पर पुनर्विचार करेगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और शांति की अपील

फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे धार जिले को किले में तब्दील कर दिया गया था।

  • 1200 पुलिसकर्मी: शहर के चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

  • हाई अलर्ट: शुक्रवार की नमाज और फैसले के समय को देखते हुए प्रशासन ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी।

  • चेतावनी: भ्रामक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद 11वीं सदी के स्मारक को लेकर था, जहाँ:

  1. हिंदू पक्ष: इसे वाग्देवी का मंदिर और प्राचीन विद्या केंद्र मानता था।

  2. मुस्लिम पक्ष: इसे कमाल मौला मस्जिद होने का दावा करता था।

  3. जैन पक्ष: एक वर्ग इसे प्राचीन जैन गुरुकुल और मंदिर बताता था।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि