सोलर पावर से जगमगाया उत्तरी रेलवे- 2 महीने में 34 लाख यूनिट बिजली पैदा कर बनाया नया रिकॉर्ड

ग्रीन रेलवे: उत्तरी रेलवे का बड़ा दांव, सोलर एनर्जी से बचाए करोड़ों रुपये और घटाया कार्बन उत्सर्जन

सोलर पावर से जगमगाया उत्तरी रेलवे- 2 महीने में 34 लाख यूनिट बिजली पैदा कर बनाया नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे को हाई-टेक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। हाईस्पीड ट्रेनों और आधुनिक स्टेशनों के कायाकल्प के बाद अब रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। उत्तरी रेलवे (Northern Railway) ने अपने रेलवे स्टेशनों और प्रशासनिक भवनों की छतों पर बड़े पैमाने पर सोलर पैनल स्थापित कर बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है।

रेलवे की इस पहल से न केवल बिजली बिलों में करोड़ों रुपये की बचत हो रही है, बल्कि यह देश के नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन (Net-Zero Carbon Emission) लक्ष्य को हासिल करने में भी अहम योगदान दे रहा है।

खबर के प्रमुख बिंदु (Key Highlights)

 अब ट्रेन के कोच भी बन रहे हैं ‘सोलर स्मार्ट’

रेलवे का यह अभियान केवल स्टेशनों और भवनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब चलती ट्रेनों को भी सोलर पावर से लैस किया जा रहा है।

क्यों अहम है यह कदम?

पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होने से रेलवे का परिचालन खर्च (Operational Cost) घट रहा है। इसके साथ ही हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा मिलने से भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा ‘ग्रीन रेलवे नेटवर्क’ बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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