त्योहारों से पहले बड़ी राहत: खाने के तेल पर 5% इंपोर्ट ड्यूटी घटा सकती है सरकार, जानिए किसे होगा फायदा
त्योहारों से पहले बड़ी राहत: खाने के तेल पर 5% इंपोर्ट ड्यूटी घटा सकती है सरकार, जानिए किसे होगा फायदा
नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार आम जनता को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए सरकार खाने वाले तेल (Vegetables Oil) पर लागू इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) में कटौती करने का विचार कर रही है। यदि यह फैसला लागू होता है, तो रसोई के बजट पर सीधा असर पड़ेगा और पाम ऑयल, सोयाबीन तथा सनफ्लावर ऑयल की कीमतें नियंत्रित हो सकेंगी।
त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से 20% तक महंगे हुए तेल
सितंबर से नवंबर के बीच देश में रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों की कतार रहती है। मिठाइयों और नमकीन की भारी मांग के कारण खाद्य तेल की खपत काफी बढ़ जाती है।
1 साल में 20% उछाल: आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक साल में देश में एडिबल ऑयल की कीमतों में लगभग 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
2/3 आयात पर निर्भरता: भारत अपनी कुल जरूरत का करीब दो-तिहाई (2/3) खाद्य तेल मलेशिया, इंडोनेशिया, अर्जेंटीना, रूस और यूक्रेन जैसे देशों से आयात करता है।
5% बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का प्रस्ताव
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी में 5% की कटौती कर सकती है।
किसानों के हितों का भी ध्यान: सरकार की योजना इस तरह ड्यूटी घटाने की है जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत तो मिले ही, साथ ही domestic मार्केट में सोयाबीन की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे न गिरे, ताकि देश के तिलहन किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।
वैश्विक बाजार पर भी पड़ेगा असर
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक है। भारत में इंपोर्ट ड्यूटी कम होने से मांग में तेजी आएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पाम ऑयल और सोयाबीन तेल के दाम बढ़ सकते हैं। ऐसे में सरकार पूरी सतर्कता के साथ इस फैसले का खाका तैयार कर रही है।