MP राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर दायर PIL हाई कोर्ट से खारिज: कोर्ट बोला- नया उत्तराधिकारी आने तक पद पर बने रहेंगे गवर्नर
MP राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर दायर PIL हाई कोर्ट से खारिज: कोर्ट बोला- नया उत्तराधिकारी आने तक पद पर बने रहेंगे गवर्नर
जबलपुर। मध्य प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल का 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद नए राज्यपाल की नियुक्ति की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय की युगलपीठ ने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत जब तक नया राज्यपाल पदभार ग्रहण नहीं कर लेता, तब तक वर्तमान राज्यपाल अपने पद पर बने रह सकते हैं और इससे कोई संवैधानिक संकट या रिक्तता पैदा नहीं होती।
हाई कोर्ट की संविधान के अनुच्छेद 156(3) पर अहम टिप्पणी
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा:
संवैधानिक प्रावधान: संविधान के अनुच्छेद 156 (3) के नियमानुसार राज्यपाल का 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी वे तब तक अपने पद पर बने रहते हैं, जब तक कि उनका उत्तराधिकारी (नया राज्यपाल) पद संभाल न ले।
कोई संवैधानिक रिक्तता नहीं: कोर्ट ने साफ किया कि इस व्यवस्था के कारण राज्यपाल के पद पर किसी भी तरह की संवैधानिक रिक्तता (Constitutional Vacancy) की स्थिति निर्मित नहीं होती है।
सेवानिवृत्त प्रोफेसर ने दायर की थी याचिका
यह याचिका जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (JNKVV), जबलपुर के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. एम.ए. खान द्वारा दायर की गई थी।
याचिकाकर्ता का तर्क: याचिका में दावा किया गया था कि वर्तमान राज्यपाल का 5 साल का कार्यकाल 7 जुलाई 2026 को समाप्त हो चुका है, इसलिए केंद्र सरकार को नए राज्यपाल की नियुक्ति के निर्देश दिए जाएं।
हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को प्रभार देने की मांग: याचिकाकर्ता ने यह मांग भी की थी कि जब तक नए राज्यपाल की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को राज्यपाल का कार्यभार सौंपा जाए, जिसे अदालत ने संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए अमान्य कर दिया।MP राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर दायर PIL हाई कोर्ट से खारिज: कोर्ट बोला- नया उत्तराधिकारी आने तक पद पर बने रहेंगे गवर्नर