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MP Food Safety: मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में चलेंगी ‘चलित फूड लैब’; दूध की 15 मानकों पर होगी ऑन-स्पॉट जांच, सब्जियों के इंजेक्शन का भी खुलेगा पोल

MP Food Safety: मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में चलेंगी 'चलित फूड लैब'; दूध की 15 मानकों पर होगी ऑन-स्पॉट जांच, सब्जियों के इंजेक्शन का भी खुलेगा पोल

MP Food Safety: मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में चलेंगी 'चलित फूड लैब'; दूध की 15 मानकों पर होगी ऑन-स्पॉट जांच, सब्जियों के इंजेक्शन का भी खुलेगा पोल

MP Food Safety: मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में चलेंगी ‘चलित फूड लैब’; दूध की 15 मानकों पर होगी ऑन-स्पॉट जांच, सब्जियों के इंजेक्शन का भी खुलेगा पोल

भोपाल: मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ जंग को और अधिक हाईटेक और आक्रामक बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में खाद्य पदार्थों की मौके पर ही तत्काल (On the spot) जांच करने के लिए 40 नई चलित प्रयोगशालाएं (Mobile Labs) शुरू की जा रही हैं।

इस नई सौगात के बाद अब मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में अपनी खुद की चलित लैब उपलब्ध हो जाएगी। अब तक प्रदेश में मात्र 15 चलित लैब ही काम कर रही थीं, जिससे सभी जिलों को कवर करना नामुमकिन साबित हो रहा था।

दूध का ‘दूध और पानी का पानी’ करेंगी नई लैब, 15 मानकों पर होगी जांच

अब तक चल रही पुरानी 15 लैब्स में संसाधनों की कमी के कारण दूध की जांच केवल तीन बुनियादी पैमानों (मानकों) पर ही हो पाती थी, जिससे चालाक मिलावटखोर बच निकलते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा:

फल और सब्जियों में ‘जहर’ (इंजेक्शन) का भी खुलेगा राज

दूध के साथ-साथ यह नई लैब शहरों और कस्बों में बिकने वाले फल और हरी सब्जियों की सेहत की भी कुंडली खंगालेगी:

इंजेक्शन का लगेगा पता: अक्सर सब्जियों को रातों-रात बड़ा करने के लिए ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते हैं या उन्हें चमकाने के लिए खतरनाक केमिकल का छिड़काव किया जाता है। नई मोबाइल लैब इन केमिकल्स के छिड़काव और खतरनाक इंजेक्शनों की तुरंत पहचान कर लेगी।

त्योहारों और रूटीन चेकिंग में मिलेगी महा-राहत

खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट आने में कई दिन लग जाते थे, जिसका फायदा मिलावटखोर उठाते थे। अब सभी 55 जिलों में गाड़ियां तैनात होने से:

  1. खाद्य अधिकारी त्योहारों के सीजन या रूटीन चेकिंग के दौरान सीधे बाजार, डेयरी या मंडी में गाड़ी खड़ी करके ऑन-द-स्पॉट सैंपल टेस्ट करेंगे।

  2. रिपोर्ट तुरंत आने से मिलावटी सामान को मौके पर ही नष्ट किया जा सकेगा और आरोपी दुकानदारों के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जा सकेगी।

सरकार का यह कदम प्रदेश के नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में एक ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला है।

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