नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और रिकॉर्ड तापमान के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज मॉनसून 2026 को लेकर अपना दूसरा और सबसे बड़ा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने अपने पहले के अनुमान में संशोधन करते हुए बताया है कि इस साल देश में सामान्य से कम (Below Normal) बारिश होने की आशंका है।
आईएमडी के मुताबिक, इस साल जून से सितंबर के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) के तहत दीर्घावधि औसत (LPA) की महज $90\%$ बारिश होने का अनुमान है। इससे पहले अप्रैल में मौसम विभाग ने $92\%$ बारिश का अनुमान लगाया था। उत्तर-पूर्वी भारत को छोड़कर देश के मध्य, पश्चिमी और मैदानी इलाकों में पानी कम बरसने की संभावना है।
अल नीनो (El Niño) का साया: क्यों कम होगी बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मॉनसून के दूसरे हिस्से (जुलाई-अगस्त) में प्रशांत महासागर में ‘अल नीनो’ (El Niño) स्थितियां दोबारा सक्रिय हो सकती हैं।
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क्या होता है असर: जब-जब अल नीनो सक्रिय होता है, तब भारत में मॉनसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं और बारिश में कमी आती है।
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राहत की उम्मीद: हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि हिंद महासागर में ‘पॉजिटिव इंडियन ओशन डिपोल’ (Positive IOD) विकसित हो रहा है, जो अल नीनो के बुरे असर को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है।
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केरल में कब देगा दस्तक? (Monsoon Kerala Onset Date)
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16 मई को समय से पहले पहुंचने के बाद, मॉनसून ने केरल के तट पर दस्तक देने में थोड़ी देरी की है। पहले इसके 26 मई को केरल पहुंचने का अनुमान था।
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नई तारीख: आईएमडी के ताजा मॉडल ट्रैकिंग के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। अब मॉनसून 28 मई से 3 जून के बीच किसी भी दिन केरल में आधिकारिक एंट्री ले सकता है। फिलहाल केरल के कई जिलों में भारी प्री-मॉनसून बारिश के चलते ‘येलो अलर्ट’ जारी है।
आपके राज्य में कब आएगा मॉनसून? (State-Wise Expected Dates 2026)
मौसम विभाग के नए प्रोग्रेशन मैप (Progression Map) के अनुसार, देश के प्रमुख हिस्सों और शहरों में मॉनसून इस टाइमलाइन के तहत आगे बढ़ेगा:
| राज्य / शहर | मॉनसून पहुंचने की संभावित तारीख |
| केरल (कनार्टक तट) | 28 मई – 3 जून, 2026 |
| बेंगलुरु / आंध्र प्रदेश | 5 जून – 8 जून, 2026 |
| मुंबई (महाराष्ट्र) | 10 जून – 13 जून, 2026 |
| मध्य प्रदेश (कटनी/भोपाल) | 15 जून – 20 जून, 2026 |
| बिहार / झारखंड / यूपी | 18 जून – 22 जून, 2026 |
| दिल्ली-एनसीआर / हरियाणा | 27 जून से जून के आखिरी हफ्ते तक |
| पूरा भारत (कवर होना) | 5 जुलाई, 2026 तक |
खेती और महंगाई पर क्या होगा असर?
भारत में सालाना होने वाली कुल बारिश का $70\%$ हिस्सा इसी चार महीने के मॉनसून से मिलता है। देश की आधी से ज्यादा खेती सीधे तौर पर इसी पानी पर निर्भर है।
विशेषज्ञों की चिंता: जुलाई के महीने में खरीफ फसलों (धान, मक्का, सोयाबीन) की बुवाई चरम पर होती है। यदि जुलाई में अल नीनो के कारण मध्य और मध्य-पश्चिम भारत में बारिश कम होती है, तो इसका सीधा असर फसलों के उत्पादन और आने वाले समय में खाद्य पदार्थों की महंगाई (Inflation) पर पड़ सकता है। सरकार ने सभी राज्यों को जलाशयों (Reservoirs) में पानी का मैनेजमेंट अभी से ठीक रखने की सलाह दी है।
