Korba Patwari Suspended: वन पट्टा और नामांतरण के नाम पर रिश्वतखोरी; वीडियो वायरल होने के बाद कोरबा का पटवारी निलंबित, राजस्व विभाग में हड़कंप
कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा अनुभाग से भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का एक बड़ा मामला सामने आया है। हल्का नंबर 10 (सिर्री-पिपरिया) में पदस्थ पटवारी विनोद अग्रवाल को ग्रामीणों और बेबस किसानों से काम के बदले मोटी रकम वसूलने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। यह कार्रवाई पटवारी का रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद की गई है।
वीडियो वायरल होते ही फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सामने आई रेट लिस्ट
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए वीडियो में पटवारी विनोद अग्रवाल ग्रामीणों और किसानों से कथित रूप से खुलेआम नोटों की गड्डियां और पैसे लेते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। वीडियो के सामने आते ही पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
काम के एवज में तय थी अवैध वसूली: ग्रामीणों ने पटवारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि क्षेत्र में बिना पैसे दिए कोई काम नहीं हो रहा था। पटवारी द्वारा वन पट्टा ऑनलाइन करने के नाम पर ₹5,000 तथा फौती (मृत्यु उपरांत वारिसों के नाम दर्ज करना) और नामांतरण (Mutation) के नाम पर ₹10,000 तक की कथित तौर पर अवैध वसूली की जा रही थी।
एसडीएम मनोज बंजारे का कड़ा एक्शन, भेजा लाइन हाजिर (मुख्यालय पसान)
मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए पोड़ी उपरोड़ा के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) मनोज बंजारे ने तत्काल संज्ञान लिया।
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नियमों का उल्लंघन: पटवारी विनोद अग्रवाल द्वारा की जा रही इस अवैध हरकत को ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965’ का स्पष्ट उल्लंघन माना गया।
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तत्काल निलंबन: एसडीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटवारी के निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।
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मुख्यालय में बदलाव: निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान संबंधित पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है, यानी उन्हें अपने मूल क्षेत्र से हटाकर पसान तहसील अटैच कर दिया गया है।
भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं – प्रशासन
निलंबन आदेश जारी करने के बाद पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही और आम जनता को परेशान करने वाली कार्यशैली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों को आश्वस्त किया है कि प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कर रहा है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पटवारी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
इस कड़े कदम के बाद से जिले के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों और बिचौलियों में हड़कंप का माहौल है।








