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Live: महाकाल मंदिर में चिल्लाया- मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला, CM ने पुलिस को दी शाबासी

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उज्जैन. कानपुर के बिकरू में हुए शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे को छह दिन के बाद गुरुवार सुबह 9 बजे नाटकीय ढंग से उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है। वह महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। उत्तर प्रदेश समेत तीन राज्यों की पुलिस उसे तलाश कर रही थी।

पिछले छह दिनों से उसके दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और मध्यप्रदेश में छिपने की खबर आ रही थी। उधर, मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ‘गैंगस्टर विकास दुबे मध्यप्रदेश पुलिस की कस्टडी में है। गिरफ्तारी कैसे हुई, इसके बारे कुछ भी कहना ठीक नहीं है।’

विकास की गिरफ्तारी की 3 बातें सामने आईं
1. विकास ने गुरुवार सुबह बाबा महाकाल के दर्शन के लिए वीआईपी एंट्री के लिए 250 रुपए की रसीद कटवाई। इस दौरान उसने अपना सही नाम विकास दुबे ही लिखवाया। इसके बाद वह महाकाल बाबा के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में पहुंचा। दर्शन के बाद विकास वहां मौजूद जवानों के पास गया और बोला कि मैं कानपुर वाला विकास दुबे हूं, मुझे पकड़ लो।
2. उधर, विकास को पकड़वाने वाले सिक्योरिटी गार्ड गोपाल सिंह ने बताया, “मैंने शक होने पर उसे पूछताछ के लिए रोका तो वह आनाकानी करने लगा। मुझे और ज्यादा शक हुआ, तो मैंने पुलिस को बुलाया। इस पर उसने मेरे साथ झूमा-झटकी की। थोड़ी देर में पुलिस आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।”
3. ऐसा कहा जा रहा है कि वह खुद सरेंडर करने गया था।

महाकाल मंदिर में विकास दुबे।

विकास ने अपने मोबाइल पर वीडियो भी बनवाए
विकास ने गिरफ्तारी से पहले अपने मोबाइल पर कुछ वीडियो भी बनाए। इसके बाद जवानों ने उसे पकड़ लिया। एग्जिट मार्ग से बाहर ले जाकर चौकी में बैठा दिया। इसके बाद पुलिस के अफसरों को जानकारी दी। बाद में पुलिस उसे अज्ञात स्थान पर ले गई।

मंदिर के सिक्योरिटी गार्ड के साथ विकास दुबे।

7 दिन में विकास दुबे गैंग के 5 बदमाशों का एनकाउंटर

शिवराज ने पुलिस को शाबासी दी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की। शिवराज ने विकास को उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपने की बात कही है।

अखिलेश यादव ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए

कानपुर शूटआउट केस में अब तक क्या हुआ?
2 जुलाई: विकास दुबे को गिरफ्तार करने 3 थानों की पुलिस ने बिकरू गांव में दबिश दी, विकास की गैंग ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
3 जुलाई: पुलिस ने सुबह 7 बजे विकास के मामा प्रेमप्रकाश पांडे और सहयोगी अतुल दुबे का एनकाउंटर कर दिया। 20-22 नामजद समेत 60 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
5 जुलाई: पुलिस ने विकास के नौकर और खास सहयोगी दयाशंकर उर्फ कल्लू अग्निहोत्री को घेर लिया। पुलिस की गोली लगने से दयाशंकर जख्मी हो गया। उसने खुलासा किया कि विकास ने पहले से प्लानिंग कर पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।
6 जुलाई: पुलिस ने अमर की मां क्षमा दुबे और दयाशंकर की पत्नी रेखा समेत 3 को गिरफ्तार किया। शूटआउट की घटना के वक्त पुलिस ने बदमाशों से बचने के लिए क्षमा दुबे का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन क्षमा ने मदद करने की बजाय बदमाशों को पुलिस की लोकेशन बता दी। रेखा भी बदमाशों की मदद कर रही थी।
8 जुलाई: एसटीएफ ने विकास के करीबी अमर दुबे को मार गिराया। प्रभात मिश्रा समेत 10 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
9 जुलाई: प्रभात मिश्रा और बऊआ दुबे एनकाउंटर में मारे गए। विकास दुबे उज्जैन से गिरफ्तार।

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