कटनी: मध्य प्रदेश में वर्षा ऋतु (मानसून) की दस्तक के साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कटनी जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर एवं जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) के अध्यक्ष श्री आशीष तिवारी ने जिले की 82 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में व्यापक मरम्मत और जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 1 करोड़ 66 लाख 94 हजार 100 रुपये की भारी-भरकम प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है।
इस बड़े फैसले से बारिश के मौसम में टपकती छतों और जर्जर भवनों के साये में पढ़ने को मजबूर नौनिहालों को एक सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सकेगा।
पोर्टल से लेकर भोपाल तक ऐसे मिली हरी झंडी
सरकारी स्कूलों की इस कायाकल्प योजना के पीछे एक सुनियोजित प्रशासनिक प्रक्रिया रही है:
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पहले हुआ सर्वे: जिला शिक्षा केंद्र की टीम ने जमीन पर उतरकर जिले के सबसे जर्जर और तत्काल मरम्मत योग्य स्कूलों की पहचान की।
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DMF पोर्टल पर एंट्री: सर्वे के बाद तैयार किए गए प्रस्ताव को सीधे डीएमएफ पोर्टल पर अपलोड किया गया।
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भोपाल से मंजूरी: राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल के नोडल अधिकारी द्वारा बारीकी से परीक्षण करने के बाद इस प्रोजेक्ट को विभागीय हरी झंडी दी गई, जिसके तुरंत बाद कलेक्टर ने बजट स्वीकृत कर दिया।
ग्राम पंचायतों को मिली जिम्मेदारी, RES करेगा तकनीकी निगरानी
इन विकास कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ जमीन पर उतारने के लिए कलेक्टर ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों में व्यापक मरम्मत कार्य कराने की मुख्य जिम्मेदारी स्थानीय ग्राम पंचायतों (Executing Agency) को सौंपी गई है। वहीं, इन कार्यों की तकनीकी जांच और तकनीकी स्वीकृति ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) संभाग कटनी द्वारा सुनिश्चित की गई है।
आपके विकासखंड के किन स्कूलों की चमकेगी किस्मत? (देखें प्रमुख नाम):
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विकासखंड कटनी: जी नवीन पौडी पडरिया, एम.एस. भनपुरा नं-2, एम.एस. देवडोगंरा, एम.एस. देवरी हाटई, एम.एस. गुलवारा, एम.एस. कछगवा, एम.एस. लखापतेरी, एम.एस. मडई, एम.एस. पटवारा, एम.एस. पिलौंजी, पी.एस भनपुरा न-2, पी.एस देवरी सानी, प्रायमरी स्कूल गुलवारा, पी. एस जुगियाकाप, पी.एस करहिया, पी.एस मुहारी और पी.एस नयागांव इमलिया।
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विकासखंड रीठी: जी.एम.एस. जमुनिया, जी.एम.एस स्कूल गुडाबंधा, जी.एम.एस मझगवां न. 2, जी.एम.एस बरयारपुर, जी.एम.एस ढुढरी, जी.एम.एस मूरपार, जी.एम.एस नौवापटी, जी.एम.एस आदिमजाति टोला गुढहरी, जी.पी.एस बांधा, जी. पी.एस कुम्हवारा, जी.पी.एस सूर्यारी कुम्हरवारा, जी.पी.एस आदिवासी घुडहर, पी.एस गंगा नगर बडगांव, जी.पी.एस हनुमान नगर बरजी, एम.एस. देवरीकला, मिडिल स्कूल बरजी, सैटेलाईट अहिरगवां, पी.एस.उजियारपुर, मिडिल स्कूल चरगवां, एम.एस. अमगवां, पी.एस. घुमची, एम.एस. सूखा, जी.पी.एस. नयाखेडा और पी.एस. मुहास।
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विकासखंड विजयराघवगढ़: जी.एम.एस. डीघी, यूईजीएस पीएस मनघटा, जी.एच.एस. सुरमा, यूईजीएस पी.बी.एस बडारी, यूईजीएस पीएस डायर सलैया, जी.पी.एस. जुगिया, जी.पी.एस. रोहनीया, जी.एम.एस. गुडेहा, यूईजीएस बीपीएस लला नगर गुडगडौहा, यूईजीएस वीपीएस मढैयनटाला बंजारी, जी.पी.एस आदिम जाति जमुवानीकला, जी.एम.एस जुमवानीकला, जी.एम.एस. इटौरा, जी.एनएम.एस करेहा, जी.एनएम एस लखनपुरा, जी.एम.एस. हरदुआ-2 और नवीन एम.एस. परसवारा।
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विकासखंड बहोरीबंद: जी.पी.एस. रामनगर, पी.एस. भटवाटोला मसंधा, जी.पी.एस पटीकला, पी.एस. अमाडी, जीपीएस शांतिनगर pटीराजा, जीपीएस कजलीवन, ईपीइस वसेहडी, पीएस नैगवां, पीएस महगवां, पीएस मोहाई, एमएस अमाडी, ईपीइएस सुपेली, पीएस सिजेहरी, पीएस गुना, पीएस सोमाकला, पीएस कुडाखुर्द, पीएस भटिया तेवरी, पीएस हनुमान टोला, पिएस तिगवां, पीएस पथराडी पिपरिया, पीएस कूड़ा घनिया, पीएस हरीजन मोहल्ला कुआं, एमएस नीमखेडा और पीएस मढैयन टोला। बारिश में नहीं टपकेगी स्कूल की छत! कटनी के विजयराघवगढ़, बहोरीबंद, रीठी के 82 स्कूलों का बदलेगा हुलिया; देखें पूरी लिस्ट
3 महीने की सख्त डेडलाइन; गड़बड़ी करने वालों पर सीधे होगी FIR!
कलेक्टर श्री तिवारी ने आदेश में साफ कर दिया है कि यह बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़ा मामला है, इसलिए नियमों में रत्ती भर भी ढील नहीं दी जाएगी:
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समय सीमा: सभी निर्माण और मरम्मत कार्य हर हाल में 3 महीने के भीतर पूरे करने होंगे।
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नो एक्स्ट्रा बजट: स्वीकृत राशि से एक भी रुपया अधिक खर्च करने की अनुमति नहीं होगी।
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कड़ी चेतावनी: किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या घटिया निर्माण पाए जाने पर क्रियान्वयन एजेंसी के खिलाफ सीधे एफआईआर और दंडात्मक कार्रवाई होगी।
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पारदर्शिता: बिना अनुमति के निजी या वन भूमि पर काम करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कार्य स्थल पर अनिवार्य रूप से सूचना पटल (Information Board) लगाना होगा, काम के पहले और बाद के फोटो दस्तावेजीकरण (Photography) करने होंगे और उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) जमा करना होगा।
फंडिंग का फॉर्मूला: ग्राम पंचायतों को काम शुरू करने के लिए पहली किश्त के रूप में 30 प्रतिशत राशि तुरंत जारी करने की अनुमति दे दी गई है। शेष राशि काम की प्रगति (Progress) को देखकर किश्तों में ट्रांसफर की जाएगी।
