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Katni Mandi Update: कटनी में समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की बंपर खरीदी जारी; किसानों के खातों में पहुंचे करोड़ों रुपये, जानें ताजा आंकड़े

Katni Mandi Update: कटनी में समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की बंपर खरीदी जारी; किसानों के खातों में पहुंचे करोड़ों रुपये, जानें ताजा आंकड़े

Katni Mandi Update: कटनी में समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की बंपर खरीदी जारी; किसानों के खातों में पहुंचे करोड़ों रुपये, जानें ताजा आंकड़े

Katni Mandi Update: कटनी में समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की बंपर खरीदी जारी; किसानों के खातों में पहुंचे करोड़ों रुपये, जानें ताजा आंकड़े

कटनी: रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत कटनी जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर चना और मसूर की सरकारी खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है। कटनी कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के सीधे निर्देशन और निगरानी में जिले के सभी केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसके चलते तपती गर्मी में भी किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जिले में स्थापित 6 सक्रिय उपार्जन केंद्रों के माध्यम से अब तक 1,070 किसानों से कुल 1,582.8 मीट्रिक टन दलहनी फसलों की खरीदी पूरी की जा चुकी है।

चना और मसूर उपार्जन के लाइव आंकड़े (Purchase Data)

जिले में अब तक हुई कुल खरीदी और उसके सुरक्षित परिवहन (Logistics) का लेखा-जोखा इस प्रकार है:

 इस साल किसानों की चांदी! समर्थन मूल्य और पंजीयन दोनों में भारी बढ़ोतरी

इस वर्ष सरकार द्वारा एमएसपी में की गई वृद्धि और पारदर्शी व्यवस्था के चलते कटनी जिले में किसानों के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के आंकड़ों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं:

1. चना (Gram):

2. मसूर (Lentil):

 सीधे बैंक खाते में आ रहा पैसा: भुगतान प्रक्रिया तेज

उपसंचालक कृषि ने किसानों को आश्वस्त करते हुए बताया कि केवल खरीदी ही नहीं, बल्कि किसानों के पसीने की कमाई का भुगतान भी पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर किया जा रहा है।

कृषि विभाग के अनुसार, अकेले चने की फसल बेचने वाले किसानों के खातों में अब तक कुल 3.25 करोड़ रुपये की राशि सफलतापूर्वक हस्तांतरित की जा चुकी है। वहीं, मसूर उपार्जन का भुगतान भी अंतिम चरण में है और स्क्रूटनी के तुरंत बाद शेष राशि किसानों के खातों में लगातार भेजी जा रही है।

प्रशासन ने उपार्जन केंद्रों पर छांव, ठंडे पानी और तौल कांटों की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं ताकि अंतिम तिथि तक हर पंजीकृत किसान अपनी फसल आसानी से बेच सके।

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