Katni Food Department Action: कटनी में मिलावटखोरों पर अपर कलेक्टर की बड़ी गाज; चक्रवर्ती ब्रदर्स पर लगा 70 हजार का जुर्माना, जांच में फेल हुआ ‘खजूर’

Katni Food Department Action: कटनी में मिलावटखोरों पर अपर कलेक्टर की बड़ी गाज; चक्रवर्ती ब्रदर्स पर लगा 70 हजार का जुर्माना, जांच में फेल हुआ 'खजूर'

Katni Food Department Action: कटनी में मिलावटखोरों पर अपर कलेक्टर की बड़ी गाज; चक्रवर्ती ब्रदर्स पर लगा 70 हजार का जुर्माना, जांच में फेल हुआ ‘खजूर’

कटनी: त्योहारों और आम दिनों में नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और नियमों को ताक पर रखकर दुकान चलाने वालों के खिलाफ कटनी जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। कटनी के बरगवां क्षेत्र में अवमानक (सब-स्टैंडर्ड/मिलावटी) खजूर बेचने और बिना वैध रजिस्ट्रेशन के व्यापार संचालित करने के एक गंभीर मामले में अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णायक अधिकारी श्री नीलांबर मिश्रा ने कड़ी कार्रवाई की है। अपर कलेक्टर कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दोषी खाद्य व्यवसायी पर कुल ₹70,000 (70 हजार रुपये) का तगड़ा आर्थिक दंड (जुर्माना) ठोक दिया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दी थी दबिश, बिना FSSAI रजिस्ट्रेशन के बिक रहा था माल

इस पूरी दंडात्मक कार्रवाई की नींव दो साल पहले हुई एक औचक छापेमारी के दौरान पड़ी थी:

 लैब टेस्ट में फेल हुआ खजूर; नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

खाद्य विभाग की टीम द्वारा जब्त किए गए खजूर के नमूनों को तुरंत सील कर राज्य खाद्य प्रयोगशाला (State Food Laboratory) भेजा गया था:

कोर्ट ने सुनाया फैसला: 30 दिन के भीतर पैसा जमा करने का अल्टीमेटम

सभी पुख्ता दस्तावेजों, प्रयोगशाला की रिपोर्ट और व्यवसायी की घोर लापरवाही के आधार पर अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णायक अधिकारी श्री नीलांबर मिश्रा की कोर्ट ने माना कि संचालक द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26(2)(ii), 51 एवं 31(1) का खुला उल्लंघन किया गया है।

कोर्ट द्वारा लगाया गया पृथक जुर्माना:

  1. अवमानक/मिलावटी खजूर बेचने पर: ₹50,000 (पचास हजार रुपये)
  2. बिना FSSAI पंजीयन व्यापार करने पर: ₹20,000 (बीस हजार रुपये)
  3. कुल आर्थिक दंड: ₹70,000 

सख्त निर्देश: न्यायालय ने प्रतिष्ठान संचालक प्रतीक चक्रवर्ती को कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि वह जुर्माने की यह पूरी राशि 30 दिनों के भीतर हर हाल में निर्धारित सरकारी मद में जमा करे। यदि तय समय सीमा में जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है, तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दुकान सील करने और जेल भेजने जैसी सख्त कुर्की व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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