Katni E-Vikas Portal: किसानों को नहीं होगी खाद की किल्लत- ई-टोकन बुकिंग की समस्याओं के लिए खुला ‘जिला स्तरीय कंट्रोल रूम’, जारी हुआ मोबाइल नंबर

Katni E-Vikas Portal: किसानों को नहीं होगी खाद की किल्लत- ई-टोकन बुकिंग की समस्याओं के लिए खुला 'जिला स्तरीय कंट्रोल रूम', जारी हुआ मोबाइल नंबर

Katni E-Vikas Portal: किसानों को नहीं होगी खाद की किल्लत- ई-टोकन बुकिंग की समस्याओं के लिए खुला ‘जिला स्तरीय कंट्रोल रूम’, जारी हुआ मोबाइल नंबर

कटनी: मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही किसानों के लिए उर्वरक (खाद) की सुगम और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कटनी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले में संचालित ‘ई-विकास प्रणाली’ (E-Vikas System) के तहत ई-टोकन बुक करने में किसानों को आ रही तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने एक बड़ा फैसला लिया है।Katni E-Vikas Portal: किसानों को नहीं होगी खाद की किल्लत- ई-टोकन बुकिंग की समस्याओं के लिए खुला ‘जिला स्तरीय कंट्रोल रूम’, जारी हुआ मोबाइल नंबर

कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तर पर एक हाईटेक कंट्रोल रूम (Control Room) स्थापित कर दिया गया है। इसके साथ ही इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की ड्यूटी भी तय कर दी गई है।

घर बैठे बुक होगा ई-टोकन; कंट्रोल रूम का नंबर जारी

प्रशासन द्वारा शुरू की गई ‘ई-विकास प्रणाली’ किसानों के लिए बेहद मददगार है। इसके माध्यम से किसान घर बैठे ही ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार उर्वरक विक्रेता (दुकान/समिति) तथा तारीख (दिनांक) का चयन कर खाद उठा सकते हैं। इससे सोसायटियों और दुकानों पर लगने वाली लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी।

इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी (नोडल टीम)

कंट्रोल रूम के सफल संचालन और किसानों की शिकायतों की मॉनिटरिंग के लिए कलेक्टर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत निम्नलिखित टीम तैनात की गई है:Katni E-Vikas Portal: किसानों को नहीं होगी खाद की किल्लत- ई-टोकन बुकिंग की समस्याओं के लिए खुला ‘जिला स्तरीय कंट्रोल रूम’, जारी हुआ मोबाइल नंबर

कलेक्टर का कड़ा निर्देश: कलेक्टर श्री तिवारी ने नोडल अधिकारी को सख्त हिदायत दी है कि कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त होने वाली किसानों की प्रत्येक समस्या को एक विधिवत रजिस्टर (पंजी) में दर्ज किया जाए। किसानों को सही और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित (ऑन द स्पॉट) समाधान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

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